वाराणसी में बीएचयू में चार दिन पहले शोध छात्र की मौत का मामला अब गरमाता जा रहा है। पिछले दिनों अभाविप कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद अब इसकी शिकायत प्रधानमंत्री से कर जांच की मांग की गई है। बीएचयू छात्र संतोष त्रिपाठी ने ट्विटर के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत कर छात्रों को बेड न मिलने, लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की है। बीएचयू के भौतिकी विभाग के शोध छात्र अभय जायसवाल की चार दिन पहले मौत हो गई थी।
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में अभी पिछले दिनों छात्र की मौत का मामला चल ही रहा था कि शनिवार को जौनपुर निवासी एक मरीज को आईसीयू में बेड न मिलने की वजह से मौत हो गई। शनिवार दोपहर विरोध में उसकी बेटी ने इमरजेंसी के बाहर हंगामा मचाया। रोहनिया निवासी अनीता गौड़ का कहना था कि जौनपुर से उसके पिता की तबीयत बिगड़ी तो शुक्रवार शाम को ही बीएचयू अस्पताल लाया गया। यहां आने के बाद स्ट्रेचर तो मिल गया लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिल सका।
अपनों का कुशल क्षेम जानने के लिए परेशान रहे लोग
बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के परिजन अपने मरीजों का कुशलक्षेम जानने के लिए परेशान दिखे। शनिवार को सुबह करीब 11:30 बजे वार्डों में भर्ती मरीजों की जांच, इलाज आदि की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी के लिए खड़े रहे।
आईसीयू में बेड खाली होते ही मरीज को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। हो सकता है कि बेड खाली न हो। इमरजेंसी या सुपर स्पेशियलिटी में आने वाले सभी मरीजों का हर संभव बेहतर इलाज किया जा रहा है। -डाक्टर एसके माथुर, एमएस, बीएचयू अस्पताल