उसने अपने ट्विटर हैंडल पर चार पेज का सुसाइड नोट भी साझा करते हुए महिला मित्र, उसके पिता, दीदी-जीजा को आरोपी बताते हुए पुलिस, प्रशासन और सत्या फाउंडेशन के सचिव चेतन उपाध्याय से कार्रवाई की मांग की थी। तबीयत बिगड़ने के बाद सत्यम को बीएचयू स्थित इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने देर रात मणिकर्णिका घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
सत्यम सागर चौरसिया ने सुसाइड नोट में लिखा कि युवती के साथ उसका 10 वर्ष का गहरा रिश्ता था और इसको सिद्ध करने के लिए उसके मोबाइल में लंबी-लंबी चैट और तमाम फोटो के रूप में ढेरों सबूत पुलिस को जांच में मिल जाएंगे। सत्यम ने इस सुसाइड नोट में अपने माता-पिता और शादीशुदा दो बहनों से माफी मांगी। अपने सभी मित्रों, रिश्तेदारों और ऑफिस के बॉस से माफी मांगी। अपने घर पर ट्यूशन पढ़ने वाली दो बच्चियों से माफी मांगी।