नेहा के अनुसार, तीसरी बार गर्भवती होने पर वह अपने मायके चली गईं। मायके जाते समय सास ने कहा कि बेटी पैदा होगी तो वापस ससुराल मत आना। बेटे के पैदा होने के बाद वह ससुराल वापस आईं तो पति, देवर और सास-ससुर ने फिर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
लगातार तलाक देने और शिवेश की दूसरी शादी कराने की बात की जाती थी। इसके साथ ही तबीयत खराब होने पर खाना नहीं दिया जाता था। इन सबसे परेशान होकर वह फिर अपने मायके चली गईं। इसके साथ ही ससुराल के लोगों की प्रताड़ना के संबंध में वह लंका थाने और एसएसपी के यहां शिकायत की थी।
सात दिसंबर को वह मायके से अपने बेटे के साथ ससुराल आईं तो उनके देवर ने गार्ड को थप्पड़ मार कर उनको घर से बाहर निकालने के लिए कहा। वह न्याय की आस में पति के घर के मेन गेट के बाहर बैठ गईं।
सूचना पाकर लंका इंस्पेक्टर मौके पर आए और उन्होंने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया तो वह वापस अपने मायके चली गईं। इस संबंध में लंका इंस्पेक्टर महेश पांडेय ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।