इसी दौरान रनटोला की तरफ से आ रही महिंद्रा एक्सयूवी पुलिस टीम को देख अचानक से मुड़ने लगी। यह देख पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ करते हुए वाहन की तलाशी ली गई तो पता चला कि पिछली सीट के नीचे और डिकी में प्लास्टिक टेप से पैक किए गए गांजा के 195 पैकेट रखे हुए हैं। मशीन मंगाकर उसकी तौल कराई गई तो कुल वजन दो कुंतल 850 ग्राम पाया गया।
आरोपियों की पहचान महोबा के थाना कोतवाली क्षेत्र के बजरंग चौक गांधीनगर निवासी उमेश अहिरवार और कबरई थाना क्षेत्र के कबरई निवासी महिपाल पाल के रूप में हुई। प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज करते हुए बृहस्पतिवार को आरोपियों का चालान कर दिया गया।
प्रति चक्कर आरोपियों को दिए जाते थे 20 से 25 हजार
एसपी ने बताया कि आरोपियों को ओडिशा से गांजा लाकर महोबा पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया था। इसके एवज में उन्हें प्रति चक्कर 20 से 25 हजार दिए जाते थे। एसपी ने दावा किया कि आरोपी तस्करी के लिए पूर्व में कई बार सोनभद्र से होकर गुजरे रूट का इस्तेमाल कर चुके हैं। इसी क्रम में वह 29 सितंबर को ओडिशा से गांजा लेकर निकले थे।
रास्ते में पुलिस चेकिंग देखकर उन्होंने वाहन को जंगल की तरफ ले जाकर कुछ समय के लिए छिपा भी दिया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताा कि कि पुलिस को भ्रमित करने के लिए वह वाहन पर अलग-अलग नंबर प्लेट उपयोग करते थे। इस बार भी उन्होंने कानपुर के नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रखा था। जांच में नंबर प्लेट फर्जी पाया गया।
गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत की जाएगी कार्रवाई : एसपी
एसपी ने बताया कि पकड़ा गया गिरोह ओडिशा से गांजा लाकर महोबा और आस-पास के जिलों में संगठित तरीके से आपूर्ति करता है। गांजा लाने वाले को प्रति चक्कर 20 से 25 हजार दिए जाते हैं। इस तस्करी में कुछ और नाम संलिप्त पाए गए हैं। उनका आपराधिक रिकाॅर्ड भी मिला है। सभी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। टीम को सभी वांछित की जल्द गिरफ्तारी के भी निर्देश दिए गए हैं। सभी पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। - अभिषेक वर्मा, एसपी।