बीएचयू में जरूरी प्रमाणपत्रों के बगैर ही शिक्षकों की नियुक्ति का नया मामला सामने आया है। संबंधित पदों के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता के प्रमाणपत्र आवेदन के साथ नहीं लगाए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे मामलों की जानकारी खुद दी है।
एक आरटीआई के जवाब से पता चलता है कि पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में हुई इन नियुक्तियों में कुछ आवेदक ऐसे भी हैं, जिन्हें आधी-अधूरी अर्हताओं पर ही नियुक्त कर दिया गया है।
25 जनवरी, 18 को आरटीआई के माध्यम से विश्वविद्यालय के भू-भौमिकी विभाग में नियुक्त शिक्षकों की पीएचडी से जुड़े अभिलेखों की मांग की थी। इसमें उन्होंने संबंधित अभ्यर्थी के यूजीसी नेट या पीएचडी होने की जानकारी मांगी थी।
16 फरवरी को कुलसचिव कार्यालय की ओर से दिए गए जवाब और कागजातों में लिखा है कि आवेदकों ने खुद को नेट क्वालीफाई न होना बताया है लेकिन यूजीसी के 2009 के रेग्युलेशन का हवाला देते हुए पीएचडी डिग्रीधारक बताया है।