महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बारह विषयों में दाखिले के लिए चार गुना अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। मंगलवार को एक आदेश जारी कर निर्धारित सीट से चार गुना अभ्यर्थियों को बुलाने के साथ ही 22 सितंबर से 26 सितंबर के बीच उन्हें डाक्यूमेंट अपलोड करने को कहा गया है।
विश्वविद्यालय में बीए, बीएससी, बीकॉम के साथ ही डिप्लोमा कोर्स में दाखिले के लिए प्रक्रिया चल रही है। कुलसचिव ने अपने आदेश में कहा है कि डाक्यूमेंट अपलोड करने के लिए 22 सितंबर की सुबह 10 बजे से वेबसाइट खोली जाएगी। इस पर अभ्यर्थी अपने संबंधित कोर्स से जुड़े डाक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं। इस बारे में विस्तृत जानकारी वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।
काशी विद्यापीठ में कर सकेंगे डिग्री के साथ करें सर्टिफिकेट कोर्स
काशी विद्यापीठ के छात्र अब डिग्री के साथ-साथ रोजगारपरक सर्टिफिकेट कर कोर्स कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत प्रोफेशन एंड लाइफ स्किल ट्रेनिंग सर्टिफिकेट शुरू करने के लिए काशी विद्यापीठ व भारत सरकार की एडटेक कंपनी यंग स्किल इंडिया (वाईएसआइआइडी सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड) से समझौता हो चुका है। आईक्यूएससी के समन्वयक प्रो. कृपाशंकर जायसवाल ने बताया कि रोजगारपरक सर्टिफिकेट यह कोर्स की अवधि तीन से छह माह का होगा। विद्यार्थियों को अलग से शुल्क देना होगा। आनलाइन कक्षाएं संचालित करनेे के कारण शुल्क काफी कम रखा जाएगा। यह कोर्स में करीब 90 फीसद प्रायोगिक पर आधारित है। इसमें विद्यार्थियों को इंग्लिश कम्युनिकेशन, प्रेजेंटेशन स्किल्स , एनालिटिकल स्किल्स, टाइम मैनेजमेंट, ईमेल स्किल्स, कनफ्लिक्ट मैनेजमेंट, जाब इंटरव्यू स्किल्स, स्व स्किल्स, एचआर के साथ नेटवर्क़िग, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट सहित अन्य के गुण भी मैनेजमेंट व इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ सिखाएंगे।
राष्ट्र गौरव की जगह अब प्राथमिक चिकित्सा पढ़ेंगे छात्र
नई शिक्षा नीति-2020 के तहत अब महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक स्तर पर कई नए विषय जोड़े गए हैं। अब यहां राष्ट्रगौरव और पर्यावरण की जगह वैकल्पिक विषय के तौर पर छात्रों को प्राथमिक चिकित्सा, स्वास्थ्य, खाद्य और पोषण की पढ़ाई करनी होगी। पिछले वैकल्पिक विषयों की तरह इनकी परीक्षा भी पास करना अनिवार्य होगा। कोर्स के पहले सेमेस्टर में भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंध पाठ्य सामग्री भी जोड़ने के निर्देश थे। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में न्यूनतम समान पाठ्यक्रम लागू करने के लिए पाठ्यक्त्रस्म में बदलाव करने के साथ ही रोजगारपरक विषयों को जोड़ा गया है। इसे नए सत्र से ही लागू करने की तैयारी है।