पुलिसकर्मी किशोरों और युवकों को समझाने का प्रयास कर रहे थे तो पीछे चल रहे अराजक तत्व गालीगलौज शुरू कर दे रहे थे। बजरडीहा क्षेत्र से निकल कर जुलूस यदि मदनपुरा पहुंच जाता तो वहां भीड़ जुटा कर शहर भर में उपद्रव किया जाता। जुलूस के पीछे चल रहे अराजक तत्वों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई हैं।
एसीएम, पुलिस और एलआईयू की खामी हुई उजागर
बजरडीहा क्षेत्र में स्थिति अराजक होने के पीछे खुफिया तंत्र के पास सटीक सूचनाओं का अभाव और भेलूपुर थाने की पुलिस का लचर प्रबंधन बड़ी वजह रहा। अपर नगर मजिस्ट्रेट और वहां मौजूद पुलिस के अधिकारियों को भी जुलूस की सटीक सूचना नहीं थी। वहां उन्हें केवल एक जुलूस की जानकारी थी, मगर अचानक तीन जुलूस सामने से आ गए।
खुफिया तंत्र और पुलिस बजरडीहा क्षेत्र में गुपचुप तरीके से हो रही जुलूस की तैयारियों और माहौल की टोह नहीं ले पाए। बजरडीहा क्षेत्र में जुलूस निकला तो फोर्स की संख्या काफी कम थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों का कहना था कि जो पहले से चिह्नित संवेदनशील क्षेत्र है, वहां पर्याप्त संख्या में फोर्स तैनात की जानी चाहिए थी। साथ ही, माहौल पर नजर रख कर अंदरखाने चल रही तैयारियों की भी टोह लेते रहना चाहिए था।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि सोची समझी साजिश के तहत बड़ा बवाल कराने की तैयारी थी। इसमें बाहरी अराजक तत्वों की भूमिका सामने आई है। कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है। शहर की शांति और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।