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भूडोल के बाद आंधी-बारिश ने मचाई तबाही

Wed, 29 Apr 2015 02:35 AM IST
वाराण्ासी, ब्यूरो
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वाराणसी। अधिकतर फसल पहले ही नष्ट हो चुकी थी, जो कुछ बची रह गई थी उस पर भी मंगलवार की आंधी-बारिश ने पानी फेर दिया। गेहूं की कटाई-मड़ाई न करा पाने वाले किसानों की बचीखुची फसल भी बर्बाद हो गई। खलिहान से गेहूं के बोझ और भूसा उड़ गया। झोपड़ियां और टिन शेड भी उड़ गए।
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तेज हवा के झोंके से कई स्थानों पर पेड़ टूट कर गिर गए हैं। भूकंप से जिन मकानाें की दीवारों में दरारें आ गई हैं, उनके इस मौसम में गिरने का खतरा बढ़ गया है। बिजली के खंभें जमींदोज हो जाने के कारण 100 से ज्यादा गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। जगह-जगह पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिरने से यातायात बाधित हुआ।
 पिंडरा के मानापुर में झोपड़ी पर पेड़ गिरने से एक ही परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए। शहर में होड़िॱरंग उखड़ गई हैं।
मौसम का रुख मंगलवार सुबह अचानक बदल गया। आसमान में काली घटाएं छाने लगीं तो किसानों की पेशानी पर बल पड़ गया। कुछ ही समय बाद आई तेज आंधी ने देहात क्षेत्रों में सब कुछ तहस-नहस कर दिया। पिंडरा के मानापुर (फूलपुर) में आंधी के दौरान फूलचंद पटेल की झोपड़ी पर आम का विशाल पेड़ गिर गया।
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इस घटना में फूलचंद पटेल (55), उनकी पत्नी मुन्नी (50), बिंदू (21), सोनी (12) और शकुंतला (20) घायल हो गईं। सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। बरवा में दयाशंकर पटेल और कटौनी में सुनीता देवी का टिन शेड उड़ गया। चोलापुर के चंदापुर में स्थित चेक पोस्ट पर पेड़ की एक डाल गिर जाने से सीमेेंटेड शेड की छत तहसनहस हो गई।
 आंधी से बचने के लिए चेकपोस्ट के कमरे में मौजूद दो कांस्टेबल बाल-बाल बच गए। चिरईगांव ब्लाक क्षेत्र में बिजली के छह खंबे गिर गए जिससे चिरईगांव, जाल्हूपुर, उगापुर, राजघाट और काशी फीडर से जुड़े गांवों में बिजली गुल रही। हरहुआ क्षेत्र में आंधी के बाद से ही बिजली आपूर्ति ठप है।
 आंधी के चलते आई गड़बड़ी देर शाम तक ठीक नहीं की जा सकी थी। बड़ागांव में कई स्थानों पर पेड़ टूट कर गिर गए। बलुआ में भग्गू पाठक और ताड़ी निवासी रामजीआवन गुप्ता के मकान की दीवार और छत में भूकंप से पड़ी दरार आंधी के चलते और बढ़ गई। दानगंज और चोलापुर क्षेत्र में आंधी के साथ हुई बारिश भी हुई जिससे गेहूं की बचीखुची फसल भी बर्बाद हो गई है। खलिहान में रखे गेहूं के बोझ उड़ गए और भूसा खराब हो गया। 
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