वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुनकरों की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास की बात कह रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि सरकार के सहारे बजरडीहा के लोग रहते तो प्यासे मर जाते। बुनकर बहुल इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है।
जलकल विभाग की पेयजल व्यवस्था ध्वस्त हुई तो यहां के लोगों ने एकजुट होकर खुद समस्या का हल निकाला। इस इलाके के 2200 परिवारों ने आपस में चंदा जुटाया और स्वयंसेवी संगठनों की मदद से एक दर्जन स्थानों पर बोरिंग करा कर पंप लगवाए।
सवा लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र में नगर निगम के चार वार्ड बजरडीहा, जोलहा, विनायका और सरायसुर्जन लगते हैं। यहां 2200 परिवार हैं, जिनमें बारह सौ से ज्यादा बुनकरी से जुड़े हुए हैं।
इस क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए जलकल विभाग की ओर से दो ट्यूबवेल लगवाए गए हैं। लो प्रेशर और लीकेज के चलते इलाके में पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पाती। लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के नागरिक जलकल, नगर निगम, विधायक और सांसद से शिकायत करते-करते थक गए।
समस्या का निराकरण न हुआ तो क्षेत्रीय लोगों ने मदनपुरा, गौरीगंज और रेवड़ी तालाब की स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से चंदा एकत्र किया और जलापूर्ति की स्थायी व्यवस्था खुद कर ली। पिछले एक साल से अब तक लोगों ने एक दर्जन स्थानों पर बोरिंग कराकर पंप लगवाए और पाइप भी बिछाई गई, तब पानी के संकट से निजात मिली।