गोबर और अन्य कंप्रेस्ड कचरे से शाहंशाहपुर के आधुनिक संयंत्र में बायोगैस का उत्पादन शुरू होने के बाद अभी तक इसके खरीददार नहीं मिल पाए हैं। बीते आठ अप्रैल को यहां गैस बनाने काम शुरू हुआ था। प्लांट ने निजी कंपनियों ने साथ करार कर गैस बिक्री की योजना बनाई थी।
संयंत्र के एक इंजीनियर ने बताया कि गैस उत्पादन से लेकर रीफिलिंग का काम पूरा हो गया है। गैस की बिक्री के लिए खरीदारों की तलाशी की जा रही है। संयंत्र की प्रतिदिन की क्षमता 3,300 किलो एलपीजी गैस के उत्पादन की है। शाहंशाहपुर में नौ एकड़ में फैले बायोगैस संयंत्र का निर्माण पिछले साल नवंबर में पूरा हुआ था। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यहां पहली बार चिमनी आठ अप्रैल 2022 को जली थी। इसके बाद से गैस के वितरण के लिए लाइसेंस लेने और खरीददार का इंतजार किया जा रहा है।