उसने आश्रम में अपना नाम और पता गलत बताकर एक कमरा लिया था। गंगा घाटों के किनारे वह घूम-घू कर मोक्ष के लिए उचित स्थान खोज रहा था। उसने तय किया था कि रविवार को वह गंगा में जल समाधि लेकर प्राण त्याग देगा। लेकिन इससे पहले ही शनिवार रात पुलिस उस तक पहुंच गई।