Varanasi News: आढ़तियों का आरोप है कि पहड़िया मंडी गेट संख्या एक के अंदर बनी मंडी चेक पोस्ट के सामने और आसपास में स्थानीय थाने की सीज और पकड़ी गाड़ियों को खड़ा करके चेक पोस्ट को बंद कर दिया गया है, जिससे दूसरे प्रांत से आने वाले किसान व व्यापारियों को गाड़ी खड़ी करके मंडी में प्रवेश करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाने की पुलिस पर दुर्व्यवहार और वसूली का आरोप लगाते हुए सोमवार को पहड़िया मंडी के आढ़तियों ने विरोध-प्रदर्शन किया। कामकाज ठप करके मंडी सचिव कार्यालय के बाहर पुलिस के खिलाफ आढ़तियों और व्यापारियों ने नारेबाजी की। इस दौरान एडीएम सिटी आलोक वर्मा और मंडी सचिव शिवकुमार राघव को आढ़तियों ने ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों के आश्वासन पर आढ़तियों ने विरोध-प्रदर्शन समाप्त किया।
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पहड़िया मंडी समिति के अध्यक्ष हीरालाल मौर्य और रवि सिंह ने बताया कि नो इंट्री वर्ष 2016 से फ्री है। इसके बाद भी पुलिसकर्मियों द्वारा मंडी के गेट पर आने वाले वाहनों से वसूली और विरोध पर बदसलूकी की जाती है। पुलिस कर्मियों द्वारा वाहन रोके जाने से कच्चा माल सब्जी, फल आदि खराब होता है। इससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है।
आढ़तियों का आरोप है कि पहड़िया मंडी गेट संख्या एक के अंदर बनी मंडी चेक पोस्ट के सामने और आसपास में स्थानीय थाने की सीज और पकड़ी गाड़ियों को खड़ा करके चेक पोस्ट को बंद कर दिया गया है, जिससे दूसरे प्रांत से आने वाले किसान व व्यापारियों को गाड़ी खड़ी करके मंडी में प्रवेश करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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इस बीच, एडीएम सिटी और पहड़िया मंडी के सभापति आलोक वर्मा ने किसी तरह आढ़तियों को समझा बुझाकर शांत कराया। उधर, लालपुर पांडेयपुर थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा ने बताया कि 8 से 10 मार्च तक वीवीआईपी आगमन के दौरान डीसीपी यातायात के आदेश पर बड़ी गाड़ियों पर नो इंट्री का निर्णय लिया गया था। उत्पीड़न का आरोप गलत है। प्रदर्शन में मनोज सोनकर, बाबुल सोनकर, बृजेश सोनकर, राहुल जायसवाल, शरद मिश्रा, मो. इमरान, काशी नाथ आदि रहे।