कोरोना काल में डग्गामार वाहन संचालकों की दबंगई और बढ़ गई है। प्राइवेट वाहन संचालक रोडवेज बस स्टेशन के सामने से सवारियों को हाईजैक कर ले रहे हैं। रोडवेज कर्मियों के विरोध पर मारपीट की धमकी दी जाती है।
वाराणसी-जौनपुर, केराकत, आजमगढ़, प्रयागराज रूट पर डग्गामार वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। खुलेआम दबंगई के बावजूद पुलि, ट्रैफिक और आरटीओ के अधिकारी कुछ नहीं कर पा रहे हैं, जबकि रोडवेज के अधिकारी पूर्व में कई बार जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। रोडवेज बस स्टेशन परिसर के सामने सड़क और कैंट रेलवे स्टेशन के सामने से डग्गामार वाहनों का संचालन होता है। सुबह के समय इनकी सबसे अधिक अराजकता रहती है।
हर कोई खा जाए गच्चा
आरटीओ और पुलिस प्रशासन की आंख में धूल झोंकने का डग्गामार वाहन संचालकों ने नायाब तरीका निकाल रखा है। डग्गामार बसों को हूबहू रोडवेज के रंग में रंग दिया है। यही नहीं, बस पर ‘उतर प्रदेश पं सं’ लिखकर यात्रियों सहित आरटीओ व पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। हालांकि आरटीओ विभाग के अधिकारी इस धोखाधड़ी के बारे में बखूबी जानते हैं, पर वो खामोश ही रहते हैं।
दौड़ रहे 250 से अधिक डग्गामार वाहन
कोरोना काल से पूर्व रोडवेज ने सर्वे कराकर विभिन्न रूटों पर छोटी व बड़ी करीब 250 डग्गामार वाहनों को नंबर सहित चिह्नित किया था। बकायदा एक लिस्ट जारी की गई थी। किस रूट पर कितने डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं, जिसमें वाराणसी-जौनपुर मार्ग, वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग, वाराणसी-प्रयागराज, वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग शामिल थे।
राष्ट्रीयकृत मार्ग पर नहीं चल सकते डग्गामार वाहन
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज और आजमगढ़ दोनों राष्ट्रीयकृत मार्ग है। इन रूटों पर प्राइवेट बसों को सवारी में चलाने की अनुमति नहीं होती है। फिर भी डग्गामार वाहनों की आवाजाही इस मार्ग पर बेरोकटोक जारी है। वहीं डग्गामार वाहनों का संचालन करने वाले अधिकतर सत्ता पक्ष से जुडे़ होते हैं। उनका रसूख परिवहन विभाग में भी रहता है। इसके कारण पुलिस व आरटीओ के अधिकारी भी हाथ डालने से कतराते हैं। डग्गामार वाहनों को हटाने के अभियान को लेकर रोडवेज स्टेशन परिसर में कई घटनाएं हो चुकी हैं। यहां तक कि एक बस माफिया पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक के कार्यालय में असलहा लेकर धमकाने पहुंच गए थे। उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
डग्गामार वाहनों का सर्वे कराकर इनपर रोक लगाने के लिए इनकी सूची फिर से जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। इनका संचालन रोकने को लेकर पूर्व में जिला प्रशासन को पत्र जारी किया जा चुका हैं। डग्गामार बसों के संचालक परिसर के आसपास से बसों का संचालन करा रहे हैं। -एसके राय, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज