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सरकार के वादाखिलाफी के विरोध में एक बार फिर पावरलूम हुए बंद, हड़ताल पर बैठे बुनकर

Thu, 15 Oct 2020 04:50 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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हड़ताल पर बैठे बुनकर। - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में गुरुवार को एक बार बुनकर फिर से विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए हैं। बिजली में मिल रही सब्सिडी पर सरकार द्वारा रोक लगाने के खिलाफ बुनकरों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। वह बिजली में सब्सिडी वापस देने की मांग कर रहे हैं।

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वाराणसी के बजरडीहा में बुनकर पवार लूम को बंद कर विरोध कर रहे हैं। बुनकरों का ये विरोध-प्रदर्शन पूरे पूदेश में है, लेकिन इसका ज्यादा असर वाराणसी में देखने को मिल रहा है। क्योंकि वाराणसी, आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के जिलों में बुनकरों का काम होता है।


गुरुवार को बुनकर बाहुल्य इलाकों मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, भेलूपुर, बजरडीहा, लोहता, दोषीपुरा, बड़ीबाजार, कोयला बाजार, नक्खी घाट, सरैया, पीलीकोठी, गोलगड्डा, जलालीपुरा, लोहता इलाके में पावर लूम और हैंडलूम की खटर-पटर बंद हो गई। किसी भी बुनकर के घर काम नहीं हुआ।

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बंद हुए पावरलूम। - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी बुनकर संघ के अध्यक्ष राकेश कांत राय ने कहा कि सरकार ने जो तीन सितंबर को वादा किया था। अगर वही लागू कर देती तो यह नौबत नहीं आती है। हम लोग भी पढ़े लिखे हैं। सरकार का अपने वादे से मुकरना ठीक नहीं है।

फ्लैट रेट पर बिजली बिल की मांग के साथ धरनारत बुनकरों को 3 सितंबर को प्रदेश सरकार ने आश्वासन दिया था जिसके बाद बुनकर काम पर वापस लौटे थे। सरकार के आशवसन के बाद एक महीने से अधिक का समय बीत गया, पर पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की गई।

बुधवार की रात में कैबिनेट ने जो प्रस्ताव पास किया है वह जुलाई तक की बिजली के लिए है। मार्च से लेकर जून तक पूरी तरह से लॉकडाउन था। इस दौरान ना तो पावरलूम चले और ना ही कोई काम हुआ। बावजूद इसके सरकार द्वारा उस समय का भी बिल लिया जा रहा है।
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सरकार ने किया है अन्याय
पार्षद हाजी ओकास अंसारी का कहना है कि सरकार हमें बिजली पर सब्सिडी देती थी। फ्लैट बिजली बिल का भुगतान हम करते आए हैं। कई बार ़कर्ज लेने की वजह से कर्जदार भी हैं। ऐसे में सरकार ने फ्लैट बिजली रेट व्यवस्था खत्म करके अन्याय किया है। अब हम और कर्जदार हो जाएंगे तो हमारे बच्चे खाएंगे क्या। बिजली का बिल हम कैसे भरेंगे। सरकार जब तक हमारी मांग नहीं मांगेगी हम हड़ताल नहीं खत्म करेंगे।

बिल इतना महंगा तो कैसे कमाएंगे
पावर लूम के कारीगर शमीम ने बताया कि हम पावर लूम चलाते हैं जो बिजली से ही चलता है और बिजली का बिल इतना महंगा है। कैसे कमाएंगे हम। शमीम ने बताया कि हम अगर आज की तारीख में 700 की साड़ी बना रहे हैं तो उस पर हमें सिर्फ 500 रुपया मिल रहा है।  हमारा 200 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। ऐसे में बिजली बिल का अतिरिक्त भार बुनकरों को पूरी तरह से खत्म कर देगा।
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