जोन पर जलकर और सीवरकर की वसूली करें
बैठक में नगर आयुक्त ने महाप्रबंधक जलकल को निर्देशित किया कि नगर निगम में निर्धारित जोन के आधार पर जलकर सीवर कर की वसूली की जाए। इसी आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाय।
साथ ही जलकल विभाग के सभी राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे प्रतिदिन नगर निगम के जोनल कार्यालयों पर उपस्थित होकर कर वसूली का कार्य करेगें। महाप्रबंधक जलकल को निर्देशित किया कि ई-नगर सेवा पोर्टल के माध्यम से ही पानी एवं सीवर कनेक्शन प्रदान किया जाय। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बोले अधिकारी
कूड़ा निस्तारण केंद्र के संचालन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसे किसी एजेंसी को दिया जाएगा। वर्तमान में एनटीपीसी की मदद से नगर निगम इसका संचालन कर रही है। - डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
निजी कंपनी करेगी करसड़ा कूड़ा प्लांट का संचालन
करसड़ा स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र का संचालन एनटीपीसी के बजाय निजी हाथों में जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक इस प्लांट का संचालन एनटीपीसी कर रही थी। इसे नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया गया है। इसके नियमित संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
शहर में प्रतिदिन 800 से 1000 टन साॅलिड वेस्ट निकलता है, जबकि सिर्फ दो साॅलिड वेस्ट प्लांट की क्षमता करीब 1200 मीट्रिक टन कूड़े की है। इसमें करसड़ा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट की क्षमता 600 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण की है। इसके अलावा रमना स्थित वेस्ट टू-चारकोल प्लांट की क्षमता प्रतिदिन करीब 600 टन साॅलिड वेस्ट से 300 टन कोयला बनाने की है।
यहां वेस्ट टू एनर्जी प्लांट भी है। 16 एकड़ में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बने वेस्ट टू-चारकोल प्लांट में तीन यूनिट लगाई गई है। इसमें एक यूनिट स्टैंडबाई है, जिसे किसी यूनिट के खराब होने पर चलाया जाएगा। तीनों प्लांट की क्षमता प्रतिदिन करीब 600 टन साॅलिड वेस्ट से 450 टन कोयला उत्पादन की है।