उपाध्यक्ष शोभनाथ मौर्या ने साझीदार फर्म में प्रत्यक्ष कर का स्लैब 30 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की मांग की। इसके अतिरिक्त मंडी टैक्स की समाप्ति, करदाता व्यापारी को हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा एवं ऑर्गेनिक कृषि से जुड़े व्यापार को कर-मुक्त किए जाने की भी वित्त मंत्री से अपेक्षा की गई। राधेश्याम गोंड ने कहा कि पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए।
परिचर्चा में प्रमुख रूप से राजेश त्रिवेदी, अशोक अग्रहरी, राकेश मिड्ढा, संजय बनर्जी, विनोद सिंह, अलखनाथ गोस्वामी, जितेंद्र लालवानी, राजेश श्रीवास्तव, शरद वर्मा, रुपेश चौरसिया, अनूप गुप्ता, आकाश श्रीवास्तव, मंगलेश, जय किशन गुप्ता, अखिल श्रीवास्तव, नंदकिशोर अरोड़ा, सिंधु सोनकर, सौरभ सिंह मुन्ना, सुधीर जायसवाल, निक्की मौर्या ,सत्यार्थ भारती,चंद्रकांत अग्रवाल,पंकज पटेल,दीपू कश्यप सहित 30 प्रमुख क्षेत्रीय व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आम बजट से टूरिस्ट गाइडों को राहत की आस है। टूरिस्ट गाइडों के अनुसार सरकार ने एक लाख तक का लोन देने की बात कही थी। लेकिन जब रोजगार ही नहीं मिल रहा तो लोन लेकर चुकाएंगे कैसे।
टूरिस्ट गाइडों के अनुसार काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद बजट में पंजीकृत टूरिस्ट गाइडों को परिसर में एक विशेष काउंटर की व्यवस्था होना अनिवार्य करना चाहिए। साथ ही सारनाथ और अन्य पर्यटन क्षेत्रों में अधिकृत गाइडों को ही शामिल किया जाए।