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बजट 2022: वाराणसी में व्यापारियों ने की सरकार से ब्यूरोक्रेसी मुक्त व्यापारी आयोग गठन की मांग

Mon, 31 Jan 2022 01:07 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

एक फरवरी को पेश हो रहे बजट-2022 से उद्यमियों और व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री के पिटारे की ओर हर वर्ग निगाह टिकाए हैं कि कुछ राहत मिलेगी। पिछले बजट में टैक्स स्लैब में कुछ खास बदलाव नहीं हुआ था, इस बार के बजट में लोगों को आस है कि सरकार कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती है। 
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शिवपुर स्थित एक वाटिका में वाराणसी नगर उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक फरवरी को पेश हो रहे बजट को लेकर व्यापारियों को काफी आस और उम्मीदें हैं। रविवार को  वाराणसी नगर उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने 'आगामी बजट से व्यापारियों की अपेक्षा' विषयक पर शिवपुर स्थित एक वाटिका में चर्चा की।

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अध्यक्ष संजीव सिंह बिल्लू ने बजट में व्यापारी आयोग की आवश्यकता की पुरजोर वकालत किया और सरकार से ब्यूरोक्रेसी मुक्त व्यापारी आयोग गठन की मांग की। महामंत्री प्रतीक गुप्ता ने अतर्कसंगत कर प्रणाली में गुणात्मक सुधार एवं आयकर की छूट सीमा 7.5 लाख किए जाने को समय की आवश्यकता बताया।

वहीं कार्यक्रम संयोजक मनोज दुबे व मनोज रावत ने व्यापारी पेंशन की मांग की। साथ ही एक जनवरी 2022 से लागू नए पेनाल्टी नियम को तत्काल वापस लेने की वित्त मंत्री से मांग की। संस्था के वित्तीय सहायक चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक राय ने कम दर की मोटरसाइकिल व मोबाइल सहित पर्यटन व कैटरिंग व्यवसाय को जीएसटी में विशेष रियायत देने की पुरजोर मांग की ताकि करोना की मार से ग्रसित उपरोक्त व्यवसायिक क्षेत्र को राहत मिले।

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पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए

 उपाध्यक्ष शोभनाथ मौर्या ने साझीदार फर्म में प्रत्यक्ष कर का स्लैब 30 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की मांग की। इसके अतिरिक्त मंडी टैक्स की समाप्ति, करदाता व्यापारी को हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा एवं ऑर्गेनिक कृषि से जुड़े व्यापार को कर-मुक्त किए जाने की भी वित्त मंत्री से अपेक्षा की गई। राधेश्याम गोंड ने कहा कि पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए।

परिचर्चा में प्रमुख रूप से राजेश त्रिवेदी, अशोक अग्रहरी, राकेश मिड्ढा, संजय बनर्जी, विनोद सिंह, अलखनाथ गोस्वामी, जितेंद्र लालवानी, राजेश श्रीवास्तव, शरद वर्मा, रुपेश चौरसिया, अनूप गुप्ता, आकाश श्रीवास्तव, मंगलेश, जय किशन गुप्ता, अखिल श्रीवास्तव, नंदकिशोर अरोड़ा, सिंधु सोनकर, सौरभ सिंह मुन्ना, सुधीर जायसवाल, निक्की मौर्या ,सत्यार्थ भारती,चंद्रकांत अग्रवाल,पंकज पटेल,दीपू कश्यप सहित 30 प्रमुख  क्षेत्रीय व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आम बजट से टूरिस्ट गाइडों को आस

आम बजट से टूरिस्ट गाइडों को राहत की आस है। टूरिस्ट गाइडों के अनुसार सरकार ने एक लाख तक का लोन देने की बात कही थी। लेकिन जब रोजगार ही नहीं मिल रहा तो लोन लेकर चुकाएंगे कैसे। 
टूरिस्ट गाइडों के अनुसार काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद बजट में पंजीकृत टूरिस्ट गाइडों को परिसर में एक विशेष काउंटर की व्यवस्था होना अनिवार्य करना चाहिए। साथ ही सारनाथ और अन्य पर्यटन क्षेत्रों में अधिकृत गाइडों को ही शामिल किया जाए। 
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  • पर्यटन स्थलों पर टूरिस्ट गाइडों के लिए काउंटर की व्यवस्था करनी चाहिए। तंगी झेल रहे गाइडों के लिए भत्ता भी लागू होना चाहिए। - अनूप सेठ, अध्यक्ष, बनारस टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन
  • सरकार ने बैंकों से एक लाख तक का लोन देने की बात कही थी। जब रोजगार ही नहीं है तो लोन लेकर कैसे भरेंगे। - रंजीत पांडेय, उपाध्यक्ष बनारस टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन
  • तीन साल से रोजगार और व्यवसाय बंद हैं। सरकार गरीबों के लिए भत्ता और योजनाओं का लाभ दिया जाता हैं। हमारे लिए कोई योजना नहीं है। - अजय श्रीवास्तव, टूरिस्ट गाइड
  • महामारी के बाद से रोजगार बंद है। इसकी वजह से गाइडों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। बजट में सरकार टूरिस्ट गाइडों को भी कुछ राहत देगी। - अभिषेक शर्मा, टूरिस्ट गाइड
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