शृंगेरी मठ में बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास जन-जन पर छाया रहा। श्रीमद्भागवत कथा के पंडाल में जब नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की... धुन गूंजी तो भक्त भी झूम उठे। नंद बाबा, यशोदा माता और सखियों संग स्वरूप धरे भक्त डांडिया रास करते हुए झूमने लगे तो ऐसा लगा मानो समूचा बृज ही पंडाल में उतर आया हो।
बुधवार को श्याम मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कथा प्रांगण की भव्य सजावट की गई थी। रंग बिरंगे गुब्बारे, माखन हांडी, फूल मालाओं से सजे प्रांगण में सभी भक्त जन्मोत्सव के हर पल का आनंद ले रहे थे। कथा में शामिल भक्तों में खिलौने, मिठाईयां वितरित हुईं। कथा प्रसंग का वर्णन करते हुए कथाव्यास पंडित पंकज शास्त्री ने कहा कि सृष्टि के उद्धार के लिए ही भगवान ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया है।
प्रभु का जन्म सबको आनंद प्रदान करने वाला है। श्रीकृष्ण का जन्म हमें यह संदेश देता है कि जीवन का उद्धार कराना है तो हमें अपना चित्त कन्हैया की भक्ति में ही लगाना होगा। चौथे दिन की कथा में आचार्य पंकज शास्त्री ने राम कथा, बलि वामन कथा आदि प्रसंगों का वर्णन किया। इस दौरान दीपक बजाज, स्मिता लोहिया, उमा बजाज, यशा आदि मौजूद रहे।