फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: पतंग उड़ाने के चक्कर में छह मंजिला छत से गिरकर बच्चे की मौत, लाडले का शव देख अचेत हुई मां

Mon, 19 Feb 2024 07:29 AM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी।

सार

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में पतंग उड़ाते समय एक नौ साल का बच्चा छत से गिर गया। जिससे बच्चे की मौत हो गई। मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
विज्ञापन
varanasi news - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चेतगंज थाना क्षेत्र के मंसाराम फाटक के पास निर्माणाधीन अपूर्वा अपार्टमेंट के छठवीं मंजिल से पतंग उड़ाने के दौरान नीचे गिरकर बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल को पुलिस ने सील कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

विज्ञापन


सोनभद्र के दुद्धी निवासी कमलेश यादव वाराणसी में डायल-112 में हेड कांस्टेबल हैं। चेतगंज स्थित मंसाराम फाटक के पास निर्माणाधीन छह मंजिला अपूर्वा अपार्टमेंट में पांचवी मंजिल पर कमलेश किराये पर फ्लैट लेकर सपरिवार रहते हैं। शाम को लगभग चार बजे कमलेश का पुत्र अभिनव यादव (9) पतंग लेकर छत पर चला गया। पतंग उड़ाने के दौरान छत पर ही पीछे की तरफ वेंटिलेशन के लिए छोड़े गए दो फीट की जगह में अभिनव का पैर चला गया और वह सीधे छह मंजिला छत से नीचे फर्श पर आ गिरा।

घटनास्थल पर मची चीख पुकार के बीच आसपास के लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बेटे को लहूलुहान हाल में देखते ही मां रितु यादव अचेत हो गईं। चेतगंज पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने बताया कि भवन राजू मौर्या का है और बिल्डिंग का काम नूर आलम करा रहा है। 
विज्ञापन


पूछताछ में सामने आया कि पिछले साढ़े तीन साल से बिल्डिंग का काम चल रहा है, जैसे-जैसे फ्लैट बिक रहा है वैसे काम चल रहा है। तीन से चार फ्लैट अब तक बन चुके हैं। नीचे वाले तल पर कोचिंग सेंटर चलता है।

विज्ञापन

सीएचएस कमच्छा में कक्षा तीन का छात्र था अभिनव

इसी छत से गिरकर हुई बच्चे की मौत - फोटो : अमर उजाला
मासूम अभिनव सीएचएस कमच्छा में कक्षा तीन का छात्र था। रविवार काे छुट्टी होने के कारण वह घर पर ही था। दिन में पढ़ाई करने के बाद किसी समय वह परेता, मंझा और पतंग लेकर छत पर चला गया। बिलखते हुए मां ने कहा कि दोपहर में खाना खाने के बाद वह फ्लैट की छत पर चला गया। छोटी बहन अमायरा भी भाई को खोने के बाद गुमसुम सी रही। आसपास के लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए चेतगंज थाने की फोर्स भी तैनात रही।

चप्पल, परेता छत पर ही पड़ा रहा...नहीं था तो बस अभिनव
मकर संक्रांति के एक माह बाद भी शहर में पतंग उड़ाए जा रहे हैं। पतंग उड़ाने में छत से गिरकर हुई अभिनव की मौत के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुटी रही। महिलाएं किसी तरह मां रितु और छोटी बहन अमायरा को संभालने में थीं। मां, बेटी के करुण क्रंदन देखकर उपस्थित हर किसी की आंखें डबडबा गईं। छत पर अभिनव का छूटा चप्पल और एक तरफ मंझे से लिपटा परेता था। सन्नाटे के बीच छत पर पहुंचे आसपास के लोगों ने कहा कि चप्पल, परेता यही रह गया... अभिनव चला गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें