चौबेपुर। थाना क्षेत्र के चौबेपुर-बलुआ घाट मार्ग पर सोनबरसा गांव के पास रविवार की शाम साढ़े पांच बजे ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से नारायण (13) की मौत हो गई। वह घर से थोड़ी दूर स्थित दर्जी की दूकान से मां के कपड़े लेने जा रहा था। हादसे से नाराज लोगों ने ट्रैक्टर को जला दिया और सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। वे पीडि़त परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। इस दौरान जाम हटाने का प्रयास कर रहे एक दरोगा रवींद्रचंद्र पांडेय की लोगों ने पिटाई कर दी। आग बुझाने गई दमकल की गाड़ी पर पथराव भी किया। इसी बीच पत्थर लगने से इंस्पेक्टर कैंट प्रदीप चंदेल चोटहिल हो गए। एडीएम प्रशासन सीताराम गुप्ता ने शासन से बात कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तो ग्रामीणों ने शाम साढ़े सात बजे जाम समाप्त किया।
सोनबरसा निवासी सुरेश शुक्ला सोनभद्र में निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके तीन बेटों और एक बेटी में दूसरे नंबर का बेटा नारायण आठवीं का छात्र था। रविवार की शाम नारायण से मां सावित्री ने आजाद चौराहा स्थित दर्जी की दूकान से कपड़ा लाने को कहा। नारायण साइकल से दर्जी के यहां जा रहा था। वह कु छ दूर आगे बढ़ा था कि पीछे से तेज रफ्तार से आ रही ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्राली ने उसे टक्कर मार दी। ट्रैक्टर के पिछले पहिये के नीचे आने से नारायण कुचल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने चालक की पिटाई की और ट्रैक्टर में आग लगा दिया। ट्रैक्टर चालक को बुरी तरह पीटा। शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इसी बीच चौबेपुर पुलिस पहुंची। जाम छुड़ाने एवं ट्रैक्टर चालक को भीड़ से बचाने के प्रयास कर रहे दरोगा रवींद्रचंद्र पांडेय को भी लोगों ने पीट दिया। पुलिस ने किसी तरह चालक को कब्जे में लिया। ग्रामीण चालक को बचाने का आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ देर बाद एसपी ग्रामीण अनिल कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन सीताराम गुप्ता, एसडीएम सदर, सीओ कैंट विनोद सिंह, सीओ पिंडरा परमहंस मिश्रा समेत चार थानों की पुलिस फोर्स एवं दमकल की गाड़ी पहुंची। आग बुझाने के दौरान ही लोगों ने दमकल की गाड़ी पर पथराव कर दिया। पथराव में इंस्पेक्टर कैंट प्रदीप चंदेल घायल हो गए। उनके सिर पर एक पत्थर लगा। एडीएम प्रशासन सीताराम गुप्ता ने बातचीत के लिए सोनबरसा की ग्राम प्रधान किरन को बुलाया और उनके माध्यम लोगों की मांगें पूछीं। किशोर के घर वालों ने पांच लाख रुपये मुआवजा और ग्राम सभा की जमीन देने की मांग की। एडीएम प्रशासन सीताराम गुप्ता ने उनकी मांगों को शासन तक पहुंचा कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खत्म हुआ। एसपी ग्रामीण अनिल कुमार पांडेय का कहना है कि पुलिस अगर ट्रैक्टर चालक को नहीं बचाती तो लोग उसकी जान ले लेते। ट्रैक्टर को आग लगाने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।