मंगला आरती में बाबा विश्वनाथ से पूरे ब्रह्मांड के कल्याण और मंगल की प्रार्थना की जाती है। बाबा का ये स्वरूप मंगलकारी होता है। मंगला आरती के बाद बाबा पुनः औघड़दानी बनकर महाश्मशान चले जाते हैं। रात में 2:45 बजे से मंगला आरती के अनुष्ठान शुरू होते हैं और तीन से चार बजे तक आरती का समय निर्धारित है।
आरती के लिए श्रद्धालु दो बजे से ही मंदिर में प्रवेश करने लगते हैं। आरती के लिए 500 रुपये शुल्क निर्धारित है। आरती के दौरान भक्तों को अपने आराध्य के करीब जाने की अनुमति मिल जाती है। इस आरती से पहले बाबा विश्वनाथ के शिवलिंग से सभी फूल हटा लिए जाते हैं और भक्तों को बाबा के लिंग के पूरे दर्शन होते हैं। रोजाना 250 लोग मंगला आरती में शामिल होते हैं।
बाबा की होती है पांच आरती
मंगला आरती से शयन तक बाबा विश्वनाथ की पांच आरती होती है। बाबा की मध्याह्न भोग आरती दिन में 11:15 बजे से 12:20 बजे तक होती है। बाबा की सप्तर्षि आरती शाम को होती है। सप्तर्षि आरती का समय शाम को 6:45 बजे से 8:15 बजे तक होता है। रात्रि में शृंगार व भोग आरती के बाद बाबा विश्राम करते हैं। इसके लिए रात नौ बजे से 10:15 बजे तक का समय निर्धारित है। मध्याह्न भोग आरती की तरह ही रात्रि की भोग आरती की परंपरा निभाई जाती है। शयन आरती 10:30 बजे शुरू होती है और 11 बजे समाप्त हो जाती है।
आरती के टिकट हैं फुल
- 26 मई तक भोग आरती की बुकिंग फुल
- 31 मई तक सप्तर्षि आरती की बुकिंग फुल
- 29 मई तक शृंगार भोग आरती की बुकिंग फुल
मंगला आरती के टिकट का हाल जून में
- एक जून: 05
- दो जून: 85
- तीन जून: 0
- चार जून: 57
- पांच जून: 82
- छह जून: 120
- सात जून: 146
- आठ जून: 54
- नौ जून: 59
- 10 जून: 61
- 11 जून: 180
- 12 जून: 135
- 13 जून: 135
- 14 जून: 146
- 15 जून: 196