नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक सर्वे का उद्देश्य गंगा में गैर लाइसेंसी नावों का संचालन बंद करना है। इससे पर्यटकों को समस्या होती ही है वैध नाविकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा आए दिन पर्यटकों से अवैध रूप से वसूली की शिकायतें मिलती हैं।
क्यूआर कोड से तय होगी जवाबदेही
पर्यटक नावों पर क्यूआरकोड युक्त मार्कर को स्मार्ट फोन से स्कैन कर नाव के संचालक, घाट और उसकी क्षमता की जानकारी ले सकेंगे। इससे पर्यटकों को गफलत में डालने वालों पर नकेल कसी जा सकेगी। समस्या होने पर क्यूआर कोड से जानकारी लेकर पुलिस व नगर निगम नाविकों की जवाबदेही तय करेंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर निगम की ओर से इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार जोन व कलर कोड व्यवस्था लागू होगी।
-राजेश अग्रवाल, अनुज्ञप्ति अधिकारी नगर निगम
ये भी जानें
- कुल नावें 2500
- कुल लाइसेंस वाली नावें 1200
- बिना लाइसेंस वाली नावें 600
- नावें जिनका लाइसेंस प्रक्रिया में 120
- सीएनजी से चलने वाली नावें 650