वाराणसी में कोरोना के कारण एक तरफ अस्पतालों में जहां मरीज बदहाल हैं वहीं शहर के कई वर्गों की हालत भी खराब होने लगी है। तीर्थ पुरोहितों के अलावा काशी का नाविक समाज की माली हालत दिन ब दिन खराब होने लगी है। नाविकों का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के हालात बने रहे तो उनके सामने भीख मांगने तक की नौबत आ सकती है।
अस्सी से लेकर राजघाट के बीच कोरोना कर्फ्यू के कारण नौकायन ठप है। सुबह और शाम पर्यटकों से गुलजार रहने वाले गंगा घाटों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कमाई के सीजन में ही कोरोना की मार से नौका संचालन करने वालों की जीविका पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कोरोना कर्फ्यू अगर और लंबा खींचा तो स्थिति बद से बदतर हो सकती है। अप्रैल, मई और जून के महीने में ही नाविक समाज की कमाई होती है। इसके बाद फिर बाढ़ की शुरुआत होने लगती है और नौकायन बंद हो जाता है।