बरेका के कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि कमीशन तय न होने पर टेंडर रद्द कर देता था। चहेते ठेकेदारों की लग्जरी गाड़ियों में घूमना और पार्टी करने की शिकायत विजिलेंस सहित उच्चाधिकारियों तक से की गई थी। शुक्रवार की रात फुलवरिया के राणानगर कॉलोनी स्थित मकान पर जब सीबीआई ने छापा मारा तो वहां एक ठेकेदार और उसके स्टाफ सेवा भाव में थे। हालांकि पूछताछ के बाद उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर नोट करने बाद सीबीआई ने उन्हें छोड़ दिया।
बरेका का प्रशासनिक भवन
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सीबीआई की टीम ने बरेका में इंजीनियर के दफ्तर में फाइलों और दस्तावेज को खंगाला। शिकायत से जुड़े दस्तावेज, अभियंता के जरिये कराए गए काम, टेंडर और बिल से जुड़े दस्तावेज सीबीआई टीम अपने साथ ले गई। टीम के पहुंचते ही विभाग के अन्य अभियंता और बाबू भी पहुंच गए थे। इन सभी से भी सीबीआई ने पूछताछ की थी। अभियंता की ओर से कराए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पकड़ी गईं।
छुट्टी के दिन भी प्रशासनिक भवन में रही हलचल
वरिष्ठ सिविल इंजीनियर ओमप्रकाश सोनकर की गिरफ्तारी के बाद से करीबियों की धड़कने तेज हो गई हैं। सिविल विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से सीबीआई की टीम पूछताछ कर सकती है। वहीं, सिविल इंजीनियर की ओर से अब तक कराए गए निर्माण कार्यों की भी विभागीय जांच शुरू हो गई है। शुरुआती जांच में ही बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई। उधर, विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी के बाद भी बरेका प्रशासनिक भवन के कार्यालय में हलचल तेज रही।
बरेका महाप्रबंधक अंजली गोयल और उपमहाप्रबंधक व मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विजय छुट्टी पर हैं। बताया जा रहा है कि नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड की बैठक में शामिल होने गए हैं। सीबीआई की कार्रवाई के दौरान भी महाप्रबंधक दिल्ली में थीं। सीपीआरओ विजय के अनुसार सीनियर सिविल इंजीनियर को निलंबित करने के साथ ही खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। अभियंता के अधीन हुए कार्यों, बिलिंग व टेंडर से जुड़े सभी कार्यों की जांच कराई जा रही है।
भ्रष्टाचार में एक दशक पूर्व भी धमकी थी सीबीआई
तीन लाख घूस लेते गिरफ्तार ओपी सोनकर की गिरफ्तारी के बाद बरेका में एक दशक पूर्व की घटना ताजा होे गईं। वर्ष 2010 में भी सीबीआई ने बरेका में छापा मारा था और मुख्य कार्मिक अधिकारी वीके विहानी को एक महिला की नियुक्ति के लिए घूस लेते पकड़ा गया था।
घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार बरेका एक्सईएन ओम प्रकाश सोनकर के फुलवरिया स्थित मकान पर शनिवार को पूरे दिन सन्नाटा रहा। हालांकि सीबीआई की कार्रवाई के बाद कॉलोनी में हलचल जरूर रही। उधर, पुलिस और अन्य लोगों को सोनकर के मकान तक पहुंचने के लिए बहुत खोजबीन नहीं करनी पड़ी।
कॉलोनी के मोड़ पर एक बुजुर्ग महिला से कैंट के पुलिसकर्मियों ने पूछा कि सोनकर के मकान किधर हव, उस बुजुर्ग महिला ने कहा कि सड़क पर जहां दूर तक मार्बल पत्थर दिखीं, समझ लिहा उहे सोनकर के मकान हव। पुलिसकर्मियों को फिर उसके बाद भटकने की आवश्यकता नहीं हुई और सड़क किनारे आलीशान तीन मंजिला मकान तक अपने आप पहुंच गए।