सीएम ने अधिकारियों से कहा था कि काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद व काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के कार्यों व जिम्मेदारियों का निर्धारण होना चाहिए। ताकि भविष्य में दोनों संस्थाओं के कार्यों के क्रियान्वयन में दिक्कत नहीं आए। बोर्ड की बैठक के दौरान आय-व्यय का बजट, न्यास और परिषद के बीच काम का बंटवारा किया जाएगा।
संरक्षित होंगे 60 मंदिर
काशी विश्वनाथ धाम में 60 प्राचीन मंदिर संरक्षित रखे गए हैं। इसमें मंदिर के चारों तरफ एक परिक्रमा मार्ग, गंगा घाट से मंदिर में प्रवेश करने पर बड़ा गेट, मंदिर चौक, 24 बिल्डिंग जिनमें गेस्ट हाउस, 3 यात्री सुविधा केन्द, पर्यटक सुविधा केन्द्र, स्टॉल, पुजारियों के रहने के लिए आवास, आश्रम, वैदिक केन्द्र, सिटी म्यूजियम, वाराणसी गैलरी, मुमुक्ष भवन बनाया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए 360 भवन हटाए गए हैं।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि 10 जुलाई को श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की बैठक प्रस्तावित है। इसमें विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।