सवाल - ब्लैक फंगस क्या जानलेवा बीमारी है।
जवाब - जी हां, यह जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर समय रहते इसकी पहचान कर लें और तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। आंकड़ों के मुताबिक ब्लैक फंगस में मृत्यु दर 30 से 50 प्रतिशत तक है। यदि बीमारी शुरू होने के 6 दिन बाद इलाज शुरू किया जाता है तो मौत की संभावना है।
सवाल - बीएचयू में इस बीमारी के कितने मरीज हैं ?
जवाब - वैसे तो कुल 14 मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है। इनमें तीन तो नेत्र रोग विभाग में ही दिखाने आए थे, जिनकी आंखों की रोशनी धुंधली थी। उन्हें समय से जांच कराने की सलाह दी गई है। ताकि बेहतर इलाज किया जा सके। यहां वाराणसी ही नहीं गोरखपुर सहित अन्य जिलों के भी मरीज हैं।
सवाल - ब्लैक फंगस वाले मरीजों का इलाज कैसे होता है।
जवाब - सबसे पहले लक्षण दिखने पर सीटी स्कैन और एमआरआई कराना चाहिए। मरीजों को इंजेक्शन दिया जाता है। कभी-कभी फंगस इतना ज्यादा हो जाता है कि आंखों के साथ तालू को भी काटकर निकालना पड़ता है।