अभद्र बयानबाजी को लेकर सूबे का सियासी पारा गरमा गया है। बसपा और भाजपा के बीच की जुबानी जंग अब सड़क तक पहुंच चुकी है। भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह और नाबालिग बेटी पर बसपा नेताओं की अभद्र टिप्पणी से नाराज भाजपाजनों ने शनिवार को कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया।
पहले से तय कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ता विधायक श्यामदेव रायचौधरी ‘दादा’ और ज्योत्सना श्रीवास्तव के नेतृत्व में जेपी मेहता इंटर कॉलेज से जुलूस के रूप में नारे लगाते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। भाजपाजनों ने कलक्ट्रेट में घुसने की कोशिश की मगर पुलिस और पीएसी ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। महिला मोर्चा की टीम के साथ कैंट विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव वहीं धरने पर बैठ गईं। लगभग 25 मिनट बाद मौके पर पहुंचे एसीएम चतुर्थ राम शिरोमणि को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंप बसपा के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी की मांग की गई।
इस मौके पर भाजपा विधायक ने कहा कि हमारी पार्टी मानती है कि बसपा सुप्रीमो पर दयाशंकर सिंह की टिप्पणी सही नहीं थी। इसीलिए उन्हें तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। मगर बसपा के नेताओं ने दयाशंकर की बेटी और पत्नी के बारे में जो कहा वह भी अक्षम्य है। नाबालिग बेटी को लेकर जिस तरह से बसपा के नेताओं ने नारेबाजी की, उससे वह मासूम सदमे में है। कहा कि मायावती को खुद के सम्मान की फिक्र है लेकिन दूसरी महिलाआें की इज्जत उनकी नजर में नहीं है।