फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस तर्क के साथ गाजीपुर जिले का नाम बदलने की मांग, डिप्टी सीएम को भेजा पत्र

Fri, 28 Feb 2020 08:35 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
विज्ञापन
गाजीपुर का नाम बदलने की मांग। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

गाजीपुर का प्राचीन गौरव फिर से लौटाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव ने गाजीपुर का नाम गाधिपुरी करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को अनुरोध पत्र भेजा है। भाजपा प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने बताया कि प्राचीन काल में महर्षि विश्वामित्र के पिता राजा गाधि की राजधानी गाधिपुरी था। गाधिपुरी का अपना वैभवशाली अतीत रहा है। बाद में मुस्लिम आक्रांता मुहम्मद बिन तुगलक के सिपहसालार गाजी के नाम पर इस नगरी का नाम गाजीपुर कर दिया गया था।

विज्ञापन


भाजपा नेता ने बताया कि गाजीपुर को उसका प्राचीन गौरव लौटाने के लिए वह काफी समय से प्रयासरत हैं। इसी संदर्भ में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर उन्हें गाजीपुर की जनता की भावना से अवगत कराते हुए ये अनुरोध पत्र सौंपा है।

विज्ञापन


आपको बताते चलें कि योगी सरकार ने मुगलसराय जिले का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, इलाहबाद और फैजाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और अयोध्या करने के बाद अब बस्ती जिले के नाम बदलने की तैयारी में है।

विज्ञापन

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का नाम बदलकर वशिष्ठ नगर करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने सरकार को रिपोर्ट भेजी है। जिलाधिकारी निरंजन ने बताया कि बस्ती जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव राजस्व बोर्ड को भेजा गया है और नाम बदलने पर एक करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

योगी सरकार द्वारा नगरों को उनका प्राचीन गौरव एवं पहचान दिलाने के क्रम में अब गाजीपुर भी कतार में है। उम्मीद की जा रही है कि देश को अपनी धरती से सबसे ज्यादा सैनिक देने वाले गाजीपुर को उसकी पुरानी पहचान जल्द ही वापस मिलेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें