दुद्धी विधायक रामदुलार गोंड को सजा
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नाबालिग को एक साल तक धमकी देने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में दुद्धी सीट से भाजपा विधायक रामदुलार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गुरुवार को उसे कोर्ट ने 25 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोका है। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सजा होने के चलते अब रामदुलार की विधायकी भी जाएगी।
इस वजह से जाएगी विधायकी
जनप्रतिनिधि कानून की धारा 8(3) के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो वह अयोग्य हो जाएगा। जेल से रिहा होने के छह साल बाद तक वह जनप्रतिनिधि बनने के लिए अयोग्य रहेगा। ऐसे में विधायक रामदुलार गोंड को 25 साल की सजा सुनाए जाने पर अब उसकी विधानसभा की सदस्यता जाएगी।
यह नियम भी जानें
उपधारा 8 (4) में प्रावधान है कि दोषी ठहराए जाने के तीन माह तक किसी जनप्रतिनिधि को अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता है। दोषी ठहराए गए सांसद या विधायक ने कोर्ट के निर्णय को इन दौरान यदि ऊपरी अदालत में चुनौती दी है तो वहां मामले की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता है। जनप्रतिनिधि की सदस्यता रद्द होने के बाद विधानसभा सचिवालय एक लेटर जारी करके उस सीट को रिक्त घोषित कर देता है। सीट रिक्त होने की जानकारी सचिवालय चुनाव आयोग को देगा। इसके बाद चुनाव आयोग उस सीट पर उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
ये था पूरा मामला
4 नवंबर 2014 को रामदुलार गोंड जो तत्कालीन प्रधानपति था, अब वर्तमान में भाजपा का दुद्धी विधायक है। नौ साल पहले एक व्यक्ति ने म्योरपुर थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि रामदुलार उसकी नाबालिग बहन के साथ पिछले एक वर्ष से लगातार धमकी देकर दुष्कर्म कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने रामदुलार के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना करने के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया था। नौ वर्षों से मामले की सुनवाई अदालत में चल रही थी। मामले में विधायक रामदुलार गोंड को मंगलवार को दोषी करार दिया गया था। साथ ही न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। गुरुवार को रामदुलार को सजा सुनाई गई है।