इसके लिए सार्थक तरीके से विपक्षी मंसूबों को बेनकाब करें और सरल भाषा में अपनी बात जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के बीच महिलाओं से सम्पर्क के दौरान महिला कार्यकर्ता की अगुआई में ही सम्पर्क अभियान की शुरुआत करे। इसी तर्ज पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति से सम्पर्क करने का दायित्व उसी समाज को सौंपा जाए। काशी के प्रभारी सुब्रत पाठक ने भी संबोधित किया। क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया।
राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने संगठन का पाठ पढ़ाया और कहा, कार्यकर्ता, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि दिल्ली-लखनऊ का चक्कर छोड़ दें और अपने क्षेत्र में जुटें। सप्ताह में पांच दिन विधानसभा में रहें और हर छोटी-बड़ी घटनाओं पर नजर रखें। बूथ स्तर तक की कमेटियों का गठन करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी जातियों की भागीदारी संगठन में दिखाई दे।
प्रदर्शन पर तय होगी उम्मीदवारों की सूची
बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने साफ किया कि संगठन में सक्रियता और जनता के बीच कामकाज ही विधानसभा में टिकट का आधार होगा। ऐसे में किसी मुगालते में न रहें और पूरी ताकत से अपने क्षेत्र में सकारात्मक काम करें। उम्मीद्वारों की सूची तय होने से पहले दावेदारों का प्रदर्शन ही अहम होगा।
बीएल संतोष ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि आगामी 25 अक्तूबर को वाराणसी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा ऐतिहासिक होनी चाहिए। इसके लिए सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने-अपने स्तर पर जी-जान से जुट जाएं। प्रधानमंत्री को काशी, प्रदेश और देश के लोग अगाध स्नेह करते हैं, यह उनकी जनसभा के दौरान दिखाई भी देना चाहिए। बैठक में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, सांसद सीमा द्विवेदी, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, विधायक अवधेश सिंह, सुरेंद्र नारायण सिंह, लक्ष्मण आचार्य, भाजपा प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा, क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव, महामंत्री अशोक चौरसिया, क्षेत्रीय मंत्री अशोक तिवारी, किसान मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री जयनाथ मिश्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जातिवाद से राष्ट्रवाद की ओर लाना है चुनाव
पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों को जातिवाद से राष्ट्रवाद की और ले जाना है। चुनाव की तैयारियों में लगभग 70 दिन का समय बचा है। विधानसभा प्रभारी को अपनी विधानसभा में सप्ताह में 4 से 5 दिन मंडल में प्रवास करना होगा। संगठन द्वारा बनाई गयी रचना के अनुसार जनप्रतिनिधियों, चुनाव संचालन समिति, मंडल पदाधिकारी एवं बूथ समिति से निरंतर संपर्क और संवाद स्थापित करना होगा तथा विधानसभा चुनाव संचालन समिति की नियमित बैठके करनी होगी।