भाजपा ने अपने सांगठनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। पिछले दिनों कानपुर में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में बदलावों के फैसले पर आम सहमति बनी।
पार्टी में ये फेरबदल दो साल बाद राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर किया गया है।
भाजपा काशी क्षेत्र की शुक्रवार की दोपहर सुसु़वाहीं में हुई बैठक में प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी सुनील ओझा ने बताया कि अब प्रदेश में आठ की जगह छह क्षेत्र होंगे और इन्हीं छह क्षेत्रों से पार्टी की सारी गतिविधियां संचालित होंगी।
क्षेत्रीय कार्यकारिणी 21 सदस्यों की होगी। जिलाध्यक्ष इसके पदेन सदस्य होंगे। बताया कि मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अब क्षेत्रीय संयोजक कहलाएंगे।
इतना ही नहीं प्रदेश में अब 45 के बजाय केवल 15 प्रकोष्ठ ही होंगे। इन प्रकोष्ठों के अंतर्गत 19 विभाग होंगे। प्रकोष्ठों के जिला, क्षेत्र और प्रदेश के मुखिया प्रकोष्ठ संयोजक कहलाएंगे।
बैठक में मौजूद भाजपा के प्रदेश महामंत्री रमापति शास्त्री ने बताया कि पार्टी ने मंडलों की सांगठनिक संरचना में भी बड़ा बदलाव किया है। अब सौ बूथों पर एक मंडल बनाया जाएगा।
नगरपालिका का क्षेत्र एक मंडल इकाई के रूप में माना जाएगा। मंडल कार्यकारिणी 60 सदस्यीय होगी। सभी सेक्टर संयोजक इसके पदेन सदस्य होंगे। मंडल स्तर पर मोर्चा का भी गठन होगा।
इसकी कार्यकारिणी 21 सदस्यीय होगी। 10 से 15 बूथों का एक सेक्टर होगा। यानी एक मंडल में आठ से दस सेक्टर होंगे। सेक्टर के संयोजक और सह संयोजक बनाए जाएंगे। सभी बूथ अध्यक्ष सेक्टर के पदेन सदस्य हाेंगे।