पार्टी ने मिनी सदन के लिए निर्धारित पार्षदों के बहुमत के जादुई आंकड़े को भी पार कर लिया है। बहुमत के लिए 51 पार्षदों का विजयी होना जरूरी रहता है, लेकिन भाजपा के 63 पार्षद चुनाव जीतने में सफल रहे हैं।
वाराणसी भाजपा का मजबूत गढ़ है। यह सीट पिछले 28 वर्षों से भाजपा के पास है, इसलिए जीत के अलग मायने निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि सत्ता विरोधी लहर के बाद भी प्रचंड जीत हुई है। इसमें संगठन, सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है।
अब तक की सबसे बड़ी जीत
भाजपा के मेयर पद के प्रत्याशी की अब तक सबसे बड़ी जीत हुई है। 2017 में भाजपा की मृदुला जायसवाल 78,843 वोटों के अंतर से चुनाव जीती थीं। वर्ष 2012 में भाजपा प्रत्याशी राम गोपाल मोहले के जीत का अंतर 62, 117 वोटों का था, लेकिन इस बार 1,33,137 वोटों के अंतर से जीत मिली है।