ओम प्रकाश राजभर(फाइल फोटो)
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वहीं अटकलें हैं कि जौनपुर या घोसी सीट को वह समझौते के तहत सुभासपा को दे सकती है। अपना दल (एस) से बात नहीं बनने के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सुभासपा की टिकट पर चुनाव लड़ने की जोड़-तोड़ की है। हालांकि सुभासपा को घोसी सीट मिलने की संभावना ज्यादा है।
सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर द्वारा दिनभर भाजपा के साथ गठबंधन टूटने के संकेत देने के बाद शाम को इससे किनारा करना बताता है कि भाजपा उन्हें एक सीट दे सकती है। मछलीशहर में राम चरित्र निषाद के लिए ‘गडकरी फैक्टर’ प्रभावी होते नहीं दिख रहा है। यहां से विद्यासागर सोनकर पहले से ही दावेदार थे। अब वाराणसी जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर का नाम भी सामने आ गया है।
अपराजिता सोनकर (फाइल फोटो)
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लालगंज से नीलम सोनकर का टिकट कटने की सूरत में अपराजिता सोनकर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। भदोही से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी रंगनाथ मिश्र की काट के लिए ब्राह्मण उम्मीदवार लड़ाया जा सकता है। उधर, अपना दल (एस) के पास मिर्जापुर के अलावा दूसरी सीट के तौर पर राबर्ट्सगंज के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं।
गठबंधन के तहत उसे यह सीट मिलने की संभावना बढ़ गई है। वजह यह भी है कि अपना दल (एस) राबटर्सगंज के साथ इलाहाबाद, फूलपुर, फतेहपुर, सलेमपुर और डुमरियागंज सीट पर भी दावा कर रही थी। फूलपुर के अलावा भाजपा ने सभी सीटों से प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।