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बर्ड फ्लू से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पोल्ट्री फार्मों पर छापेमारी कर मुर्गों के सैंपल लिए

Wed, 26 Feb 2020 12:40 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बर्ड फ्लू - फोटो : अमर उजाला
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कौवों की बर्ड फ्लू से मौत की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। हालांकि, अब अभी इस वायरस से किसी व्यक्ति के पीड़ित होने की बात सामने नहीं आई है, लेकिन अस्पतालों में इससे निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बेड रिजर्व रखने के साथ ही ऐसे मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी मरीज में बर्ड फ्लू के लक्षण मिलने पर तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दी जाए। संक्रामक वार्ड में बेड रिजर्व रखे जाएं। चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ को जिम्मेदारियां देने के साथ ओपीडी में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों को बर्ड फ्लू के कारण और बचाव के बारे में जागरूक किया जाए।

सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि विशेषकर रोहनिया के मोहनसराय इलाके में जहां कौवों की मौत हुई थी, उसके आसपास के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण संबंधित स्वास्थ्य केंद्र की टीम की ओर से कराया जाएगा। विभागीय कर्मचारियों और आशा कार्यकर्ताओं की मदद से लोगों से मुर्गा और अंडे का सेवन करते समय सावधानी बरतने की अपील की जाएगी।

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सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि पशु चिकित्साधिकारी की ओर से क्षेत्र के पोल्ट्री फार्मों की जांच कराई जा रही है। अभी कोई मरीज नहीं मिला है। अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। विभाग की ओर से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

क्या है बर्ड फ्लू
मोहनसराय में काफी संख्या में कौवों की मौत हो गई थी। इनके सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे गए थे। भोपाल से आई रिपोर्ट में एक कौवे में एच5एन1 वायरस की पुष्टि हुई है। एवियन इन्फ्लूएंजा(एच5, एन1) वायरस को बर्ड फ्लू भी कहते हैं। इसका संक्रमण पक्षियों के साथ ही इंसानों को प्रभावित करता है। मुर्गा, बत्तख आदि पक्षियों में इसकी संभावना अधिक रहती है। समय से ध्यान न देने पर मौत भी हो सकती है।

137 सैंपल जांच के लिए भेजा
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीबी सिंह ने कहा कि कौवे बर्ड फ्लू के कैरियर का काम करते हैं। बर्ड फ्लू को लेकर नियमित बैठक होती है। सामान्य दिनों में भी मुर्गों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। इसके मद्देनजर जिले भर के पोल्ट्री फार्म से 137 मुर्गों के सैंपल आईवीआरआई बरेली भेजे गए हैं। वैसे भारतीय खानपान ऐसा है कि बर्ड फ्लू चिकन खाने से नहीं फैल सकता है। क्योंकि, यह कच्चा खाने से होता है। भारत में इसे पकाकर खाया जाता है। 100 डिग्री सेल्सियस पर जब पानी खौलता है तो वायरस का असर खत्म हो जाता है।

बर्ड फ्लू के लक्षण 
- बुखार
- हमेशा कफ रहना
- नाक बहना
- सिर में दर्द 
- गले में सूजन
- मांसपेशियों में दर्द
- दस्त होना
- हर वक्त उल्टी आने जैसा महसूस होना
- पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना
- सांस लेने में समस्या, सांस न आना, निमोनिया होना
- आंखों में कंजक्टिवाइटिस का संक्रमण
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ये बरते सावधानियां 
- मरे हुए पक्षियों से दूर रहें।
- अगर किसी पक्षी की मौत होती है तो इसकी सूचना विभाग को दें।
- बर्ड फ्लू वाले एरिया में नॉनवेज न खरीदें और न ही खाएं।
- घर से बाहर मॉस्क पहनकर बाहर निकलें।
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