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कभी मरम्मत तो कभी विकास कार्य के नाम पर कटौती झेल रही जनता

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वाराणसी। काफी प्रयास के बाद भी लोगों को निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इस समय 550 से 650 मेगा वाट की बिजली खपत होती है। डिमांड के अनुसार ही बिजली की खपत हो रही है। कभी मरम्मत के नाम पर तो कभी विकास कार्य के नाम पर आए दिन जनता बिजली कटौती झेल रही है। ट्रिपिंग की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। जनता को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए मुख्य अभियंता के निर्देश पर लोड बैलेंसिंग का काम शुरू हुआ। अब तक मरम्मत का कार्य और लोड बैलेंसिंग का काम अधूरा है। बिजली कटौती शहर के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। दिन भर कई इलाके ट्रिपिंग से परेशान रहते हैं। गर्मी से पहले बिजली व्यवस्था को सुचारू करने के लिए काम कराया जाता था। लॉक डाउन में यह काम अभी पूरा नहीं हुआ है। कई फीडरों पर अब तक लोड बैलेंसिंग का काम भी पूरा नहीं हुआ है। शहर में शायद ही कोई ऐसा इलाका है जहां 24 घंटे में तीन से चार बार बिजली ना जाती हो। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता मनोज अग्रवाल ने बताया कि पहले से बिजली व्यवस्था बेहतर हुई है। लॉक डाउन के चलते मरम्मत का कार्य थोड़ा बहुत ही प्रभावित हुआ है। लोड बैलेंसिंग का काम कराया जा रहा है। आंधी पानी के चलते पोल उखड़ने और तार टूटने की समस्या आई थी। जिसके चलते थोड़ी बहुत दिक्कत रही। लेकिन इन सब समस्याओं को अब सुलझा लिया गया है। जहां ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है वहां बढ़ाई जा रही है। तारों को सही किया जा रहा है।
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गर्मी शुरू होने के साथ ही बिजली की समस्या बढ़ गई है। कब आएगी और कब जाएगी इसका पता ही नहीं चलता। दिन भर में कई बार बिजली की आवाजाही लगी रहती है। विवेक यादव चांदपुर ....
बिजली का पुराना रोना है। कभी मरम्मत के नाम पर तो कोई विकास कार्य के नाम पर कटौती करते हैं। उपकेंद्रों पर फोन करने पर जल्दी फोन अधिकारी उठाते नहीं है। राजेश सिंह मंडुवाडीह .....
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बिजली सुधार के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन, लोगों को निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। आए दिन फाल्ट के चलते आम जनता कटौती की समस्या से जूझ रही है। रोशन कुमार शिवदासपुर
.... बिजली की समस्या कोई नई नहीं है। आए दिन बिजली कटौती होती रहती है। बारिश के मौसम में तो घंटों बिजली गुल हो जाती है। कटौती न हो इस दिशा में कोई ठोस पहल होनी चाहिए। विपीन चन्द्र पाल मंडुआडीह
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