कांग्रेस नेताओं से वार्तालाप करने, पार्टी को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जोड़ने के उद्देश्य से बनारस पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष भी इस रवैये से निराश नजर आए। उन्होंने कहा कि वह खुद नहीं समझ पा रहे हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है। बनारस पहुंचने के बाद प्रदेश अध्यक्ष संत कबीर की कर्मस्थली कबीरचौरा पहुंचे। महंत के उत्तराधिकारी प्रमोद दास ने उनका स्वागत किया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कबीर के मंदिर में शीश नवाया। इसके बाद वह संकटमोचन मंदिर में दर्शन पूजन के लिए पहुंचे। रविवार को वह संत रविदास की जन्मस्थली पर भी शीश नवाएंगे। मुलाकात के दौरान कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ताओं ने पार्टी की अंतर्कलह और गड़बड़ियों को उनके सामने रखा। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी की बातों को सुना और सही मंच पर रखने का आश्वासन भी दिया।