बीएचयू की इस योजना के तहत स्थायी शिक्षकों को सार्क एवं आसियान देशों की यात्रा के लिए एक वित्तीय वर्ष में 50 हजार रुपये तथा अन्य देशों की यात्रा के लिए एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
शैक्षणिक एवं शोध के लिए विदेश यात्रा पर जाने वाले स्थायी शिक्षक पोस्टडॉक्टोरल फेलो तथा शोधार्थियों की यात्रा का आंशिक खर्च विश्वविद्यालय वहन करेगा। बीएचयू ने इस नई योजना की शुरूआत की है। योजना को कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन की अध्यक्षता में हुई इंस्टीट्यूशन आफ एमिनेंस की गवर्निंग बॉडी की बैठक में मंजूरी दी गई है।
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बीएचयू की इस योजना के तहत स्थायी शिक्षकों को सार्क एवं आसियान देशों की यात्रा के लिए एक वित्तीय वर्ष में 50 हजार रुपये तथा अन्य देशों की यात्रा के लिए एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पोस्टडॉक्टोरल तथा शोधार्थियों को उनकी शोध अवधि के दौरान सार्क एवं आसियान देशों की यात्रा के लिए 25 हजार रुपये तथा अन्य देशों की यात्रा के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
विश्वविद्यालय के स्थायी अधिकारी भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। यह योजना प्रायोजित शोध औद्योगिक परामर्श प्रकोष्ठ के माध्यम से संचालित की जाएगी। कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने प्रतिबद्धता जताई है कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों के शैक्षणिक व शोध विकास में सहयोग के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन हरसंभव क़दम उठाएगा। यह नई योजना इस प्रतिबद्धता की बानगी है।