कोरोना से मौत की औसत दर अन्य महामारियों से कम
स्पेनिश फ्लू जैसी महामारियों की तुलना में कोरोना वायरस से मौत की औसत दर कम है। मगर, यह इसलिए ज्यादा घातक है, क्योंकि इसका संक्रमण अन्य महामारियों की तुलना में काफी तेजी से होता है।
- सवाल: कोरोना वायरस क्या है? इसके संक्रमण का खतरा कितना है?
- जवाब: कोविड-19 ऐसा वायरस है जो चमगादड़ से आदमी के शरीर में प्रवेश कर गया और पूरे विश्व में फैल गया। इसके संक्रमण से सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण सामने आते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी सांस लेने में होती है। यह वायरस किसी भी सतह पर चिपक सकता है। इस सतह पर किसी का हाथ लगा तो वह व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है। एक संक्रमित व्यक्ति से बहुत सारे लोगों को संक्रमण का खतरा रहता है। जब संक्रमित व्यक्ति को सर्दी, खांसी, तेज बुखार होता है तो उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। सांस लेने में तकलीफ होने पर उसे सहायक उपकरणों से आक्सीजन देनी होती है।
- सवाल: पहले स्पेनिश फ्लू जैसी महामारी आई थी, उसमें और कोरोना में क्या अंतर है?
- जवाब: स्पेनिश फ्लू, ईबोला, स्वाइन फ्लू और अब कोरोना। यह सारी बीमारियां वायरस जनित ही है। वायरस किस तरह का है, सबसे पहले यह जानना जरूरी होता है। वायरस खुद जिंदा नहीं रह सकता है। उसे जिंदा रहने और बढ़ने के लिए किसी शरीर के अंदर जाना होता है। इसमें उसकी मदद प्रोटीन के पार्टिकल करते हैं। स्वाइन फ्लू है तो उसका मतलब है कि सुअर से आता है। बर्ड फ्लू है तो किसी चिड़िया से और कोरोना है तो चमगादड़ से आया है।