वाराणसी। बीएचयू में नए साल से मरीजों को क्षेत्रीय नेत्र संस्थान की सौगात मिल सकती है। संस्थान के शुरू होने के बाद एक ही छत के नीचे मरीजों को भर्ती करने के साथ ही ऑपरेशन सहित अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। ऑपरेशन थिएटर की संख्या बढ़ेगी और जांच की भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। संस्थान की बिल्डिंग बनकर तैयार है और उपकरण मंगाए जाने की तैयारी चल रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में ही क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का शिलान्यास किया था। करीब 38.58 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पूर्वांचल का पहला संस्थान होगा, जहां मरीजों को जांच, ऑपरेशन, भर्ती सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। अब तक नेत्र रोग विभाग में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए इमरजेंसी के पास वैकल्पिक व्यवस्था थी। नई बिल्डिंग में दो ऑपरेशन थिएटर और बढ़ जाएंगे, साथ ही लेसिक सर्जरी भी हो सकेगी। निर्माण कार्य को नौ अगस्त 2020 को समाप्त होना था, लेकिन कोरोना काल में कामकाज प्रभावित रहने की वजह से काम में देरी हुई।
संस्थान की बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। अब जांच के लिए मशीनों और कुछ जरूरी उपकरणों के मंगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूरी तरह से इसके संचालन में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। - प्रो. एमके सिंह, निदेशक क्षेत्रीय नेत्र संस्थान
ये होंगी सुविधाएं
छह मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर
लेसिक और लेजर सर्जरी
100 बेड पर मरीजों को भर्ती करने की सुविधा
जांच के लिए आधुनिक तकनीक की मशीनें
सेमिनार रूम, स्पेशल क्लीनिक, कांफ्रेंस हाल
रेटिना और ग्लूकोमा क्लीनिक