वाराणसी। धुल, धुआं और जाम ने बनारस की आबोहवा बिगाड़ रखी है। वायु प्रदूषण का हाल यह है कि सुबह और शाम शहर के कई इलाकों में स्मॉग का असर देखने को मिला। शहरवासी दिन भर धूल, धुंध और गैस चैंबर में सांस लेने के लिए विवश हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 रहा। पिछले चार दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 300 के ऊपर ही बना हुआ है। शनिवार की रात 9 बजे पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 436 और न्यूनतम मात्रा 264 रही। पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 483 और न्यूनतम मात्रा 177 रही। ओजोन की अधिकतम मात्रा 251 और नाइट्रोजन की अधिकतम मात्रा 192 रही।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि पीएम 2.5 कणों की अधिकतम और न्यूनतम मात्रा दोनों वातावरण में सबसे अधिक है। इसका मतलब है कि शहर में उठने वाली धूल ने वायु गुणवत्ता की हालत को खराब करके रखा हुआ है। निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल और सफाई के दौरान बिना पानी छिड़के झाड़ू लगाने के कारण हवा में पीएम 2.5 कणों की संख्या वातावरण में लगातार बढ़ रही है। मौसम ठंडा होने के कारण पीएम 2.5 कण वायुमंडल में घुल नहीं पा रहे हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालत में सुधार नहीं हुआ तो कुछ इलाकों में नो व्हीकल जोन भी बनाया जा सकता है।
यहां चल रही खोदाई
अर्दली बाजार से महावीर मंदिर, बीएचयू से सामनेघाट, ट्रामा सेंटर सेंटर से सीर गेट, पांडेयपुर से लालपुर व पहाड़िया, मैदागिन, गौदोलिया से बेनियाबाग व सरसौली आदि क्षेत्रों में खोदाई की गतिविधियां चल रही हैं।