इसके साथ ही फागिंग और सैनिटाइजेशन के लिए भी विकास निधि से मदद की जा सकेगी। शासन के इस आदेश के बाद अब बीएचयू और एमयू में कोरोना से बचाव को लेकर उपकरण सहित अन्य जरूरी सामानों के लिए जनप्रतिनिधि धनराशि दे सकेंगे।
कोरोना संदिग्धों और मरीजों के लिए बीएचयू में कई तरह के प्रयास जारी हैं। फिलहाल पूर्वांचल के 21 जिलों के कोरोना संदिग्ध की जांच के लिए बीएचयू ही विकल्प है। ऐसे में इन सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों से बीएचयू को उम्मीद है।
दरअसल, सपा एमएलसी ने उठाई थी मांग सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में इन दोनों संस्थानों का नाम भी विधायक निधि मार्ग निर्देशिका में शामिल करने की मांग की थी। एमएलसी ने अपने पत्र में 26 मार्च के शासनादेश का हवाला देते हुए बताया था कि पीजीआई और एम्स को विधायक निधि से धनराशि उपकरण आदि के लिए दिया जा रहा है। लेकिन बीएचयू और एएमयू का नाम विधायक निधि मार्ग निर्देशिका में न होने से जनप्रतिनिधि मदद नही कर पा रहे हैं।