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बीएचयू में नियुक्ति प्रकरण की जांच के दौरान एक और शिक्षक ने दिया इस्तीफा

Mon, 03 Sep 2018 03:13 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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बीएचयू में पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की जांच के दौरान विज्ञान संस्थान के जियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर मुकुंद शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। प्रो. शर्मा ने इस्तीफे की वजह जरूरत के हिसाब से सुविधाएं न मिलना बताया है। उनका इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है। इससे पूर्व सांख्यिकी विभाग के एक शिक्षक ने भी इस्तीफा दे दिया था। 

पढ़ेंः बीएचयू नियुक्ति प्रकरण में फैसले से पहले ही एसोसिएट प्रोफेसर ने दिया इस्तीफा
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प्रो. त्रिपाठी के कार्यकाल में असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर 200 नियुक्तियां हुईं। इनमें आरक्षण और अन्य नियमों की अनदेखी की शिकायत हुई थी। आरटीआई पर विश्वविद्यालय के जवाब से भी अनियमितताओं का खुलासा हुआ। नियुक्तियों से वंचित कुछ आवेदक इलाहाबाद हाईकोर्ट चले गए।

28 मई को हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को कुलपति को प्रत्यावेदन देने और कुलपति को दो माह में जांच कर निर्णय लेने का आदेश दिया था। याचिकाकर्ताओं ने 16 जुलाई को कुलपति को प्रत्यावेदन दिया था। जांच पूरी करने की समय सीमा 13 दिन बाद 16 सितंबर को पूरी होगी। 

इसी बीच प्रो. त्रिपाठी के कार्यकाल में नियुक्त प्रो. शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम को नियुक्तियों की जांच से जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि प्रो. शर्मा ने कहा कि उनकी नियुक्ति को लेकर न तो कोई शिकायत है और न ही जांच के दायरे में हैं। यहां आने पर सुविधाओं के लेकर कई बार विभाग से लेकर कुलसचिव कार्यालय तक पत्र लिखा लेकिन कहीं से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो यह कदम उठाना पड़ा।
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आरएसी ने बुलाए दो रिटायर्ड जज

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
नियुक्तियों के मामले में मिले प्रत्यावेदनों के क्रम में जांच का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 16 सितंबर को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान जवाब देने से पहले हाईकोर्ट के दो अवकाश प्राप्त न्यायधीशों से विधिक राय लेने का फैसला लिया है।

रिक्रूटमेंट एंड असेसमेंट सेल (आरएसी) के आग्रह पर दो अवकाश प्राप्त न्यायाधीश विश्वविद्यालय आ गए हैं। सूत्रों की माने तो हाईकोर्ट में दिए जाने वाले जवाब में विश्वविद्यालय प्रशासन कोई चूक नहीं चाहता है। इसके लिए नियुक्तियों से जुड़ी फाइलें, प्रत्यावेदन और अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच कराई जा रही हैं।
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