अस्पताल परिसर में स्थित 'उमंग फार्मेसी' का टेंडर महीनों पहले खत्म हो चुका है, फिर भी अधिकारियों की मिलीभगत से यह संचालित है।
मरीजों से लूट
उमंग फार्मेसी पर जेनेरिक दवाएं बाजार से महंगी बेचने का आरोप है। साथ ही एक दुकान के लाइसेंस पर रसूख के दम पर 15 से अधिक अवैध स्टोर खोलने की शिकायत की गई है।
छात्र प्रतिनिधि दिव्यांशु त्रिपाठी ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा सुन्दरलाल चिकित्सालय को एम्स का दर्जा दिया गया जो कि पूर्वांचल के मरीजों के रीढ़ की हड्डी के समान है। साथ ही सुन्दरलाल अस्पताल को एम्स की तरह विकसित करने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये भी आवंटित हुए हैं, लेकिन संस्थान में इस तरह का भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
सत्यनारायण सिंह ने कहा कि सुन्दरलाल चिकित्सालय में तमाम तरह की समस्याएं व्याप्त है। इसके कारण इस वर्ष ही करीब 4-5 छात्रों की हॉस्पिटल की लापरवाही से मृत्यु हो गई, लेकिन उसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, हॉस्पिटल के शीर्ष अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी का हवाला देकर कन्नी काट लेते हैं।
शिक्षा राज्य मंत्री को ज्ञापन देने वालों में सत्यनारायण सिंह, मनीष सिंह, दिव्यांशु त्रिपाठी, सुमित, शुभम, सूर्यांश आदि छात्र सामिल थे।