बीएचयू विधि संकाय के छात्रों का प्रवेश पत्र जारी करने की मांग को लेकर सिंहद्वार पर मंगलवार की शाम से शुरू हुआ धरना प्रदर्शन रात भर चला। बुधवार सुबह से विधि संकाय के भीतर छात्रों का जमावड़ा लगा रहा।
छात्रों के हटाने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने प्रयास किया तो छात्रों का आरोप है कि प्रोक्टोरियल बोर्ड ने उन पर लाठीचार्ज किया है। वहीं सुरक्षा के बीच सुबह नौ बजे से परीक्षा शुरू हुई है। उधर, धरना दे रहे छात्र कुलपति राकेश भटनागर से मिलने के लिए वीसी लॉज गए।
बताते चलें कि कक्षा में कम उपस्थिति वाले छात्रों की मांग थी कि उनको भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए, इसे लेकर केंद्रीय कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। देर शाम संकाय प्रशासन ने बैठक कर 30 प्रतिशत से ऊपर उपस्थिति वाले छात्रों को इस शर्त पर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी कि अगले सत्र में 100 फीसद उपस्थिति देनी होगी। वहीं शून्य से 30 प्रतिशत उपस्थिति वालों को कोई भी ढील देने से प्रशासन ने इंकार किया, इसके कारण वे धरने पर देर रात तक बैठे रहे।
दरअसल विधि संकाय के करीब 120 छात्रों की उपस्थिति 75 फीसदी से कम होने की वजह से उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया था। उन्हें प्रवेश पत्र जारी नहीं किया गया है। छात्रों का आरोप है कि हमारी कक्षाएं कम चली हैं।
इस वजह से ही हमारी उपस्थिति कम है। हालांकि बताया ये भी जा रहा है कि कुछ छात्रों की उपस्थिति जीरो प्रतिशत है। करीब 20 ऐसे छात्र हैं जिन्होंने एक ही नर्सिंग होम से मेडिकल बनवाकर संकाय में जमा किया है।