रोडवेज मुख्यालय की ओर से वाराणसी परिक्षेत्र को 10 नई साधारण बसें मिली हैं। इसके तहत कैंट, काशी और चंदौली डिपो को दो-दो बसें आवंटित की गई हैं और चार बसों को रिजर्व में रखा गया है। इस संबंध में एआरएम एसएन पाठक ने बताया कि कैंट डिपो दोनों बस मथुरा तक चलाएगा।
काशी डिपो की दोनों बस मछलीशहर, जौनपुर, इटावा, अलीगढ़ होते हुए नई दिल्ली जाएंगी। वहीं, चंदौली डिपो विंध्यधाम से गोरखपुर के बीच दोनों बसें चलाएगा। ये रूट नया है जिससे विभाग के राजस्व में वृद्धि हो सकती है।
काशी डिपो से नई बसों का संचालन काशी से मछलीशहर-प्रतापगढ़-इटावा-अलीगढ़ होकर दिल्ली के लिए चलाया जाना संभावित है। वहीं कैंट डिपो के एआरएम एसएन पाठ ने बताया कि दो नई बसों को मथुरा रूट पर उतारा जाएगा। इससे जनरथ से न जा पाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।
वाराणसी सहित आठ शहरों के लिए दिसंबर से नॉन स्टाप साधारण बस सेवा
उधर, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के वाराणसी सहित आठ शहरों के लिए नॉन स्टाप साधारण सेवा शुरू करने जा रहा है। इन बसों का संचालन जल्द ही आलमबाग टर्मिनल और कैसरबाग बस अड्डे से होगा। इससे यात्रियों का सफर सुगम होगा।
परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) एचएस गाबा के मुताबिक लखनऊ- दिल्ली की नॉन स्टाप एसी बस सेवा की सफलता के बाद दिसंबर में नई साधारण सेवा की बसों का नॉन स्टाप संचालन किया जाएगा।
ये बसें आगरा, गोरखपुर, बरेली, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, लखीमपुर एवं बहराइच का सफर कराएंगी। उन्होंने कहा कि यह बसें नॉन स्टाप चलेंगी तो यात्रियों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचाएंगी और कम किराए में सफर की सुविधा हासिल होगी।
इस सेवा में नई बसों को लगाया जाएगा, जिससे यात्रियों का सफर आरामदायक होगा। इस सिलसिले में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को नॉन स्टाप बसों के संचालन की समय सारिणी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकतर बसों का संचालन रात को होगा।