बीएचयू विज्ञान संस्थान में भौतिकी के सीनियर रिसर्च फेलो अभय जायसवाल की कोरोना से मौत।
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बीएचयू में शोध छात्र आखिरकार कोरोना से जंग हार गया। विज्ञान संस्थान के भौतिकी विभाग में सीनियर रिसर्च फेलो अभय जायसवाल की तबीयत बिगड़ने पर सहयोगी छात्रों ने मंगलवार को बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टरों ने वेंटिलेटर की बात कही।
छात्रों ने आरोप लगाया है कि बहुत कहने के बाद भी वेंटिलेटर नहीं मिल सका और शोध छात्र अभय की मौत हो गई। यही नहीं इलाज के लिए एमएस को फोन किया पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। उसके बाद प्रभारी कुलपति को भी फोन करते रहे, लेकिन प्रभारी कुलपति का भी फोन नहीं उठा।
वाराणसी के मंगलपुर निवासी अभय छितूपुर में एक किराए के मकान में रहता था। बताया जा रहा है कि पहले ही माता-पिता का निधन हो गया था और छोटी बहन की पढ़ाई से लेकर अन्य जिम्मेदारी भी अभय पर थीं। मंगलवार शाम को तबीयत बिगड़ने पर तबीयत बिगड़ने पर सहयोगी छात्र बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी ले गए।
छात्रों के अनुसार यहां डॉक्टर ने उसका एंटीजन टेस्ट किया और कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसे वेंटिलेटर की जरूरत थी, लेकिन डॉक्टरों ने नहीं सुनी। किसी तरह सुपरस्पेशियलिटी के 103 नंबर काउंटर पर गए जहां तैनात लोगों ने जब नहीं सुनी तो इसकी जानकारी छात्र कल्याण अधिष्ठाता को भी दी गई तो उन्होंने अस्पताल के एमएस डॉक्टर एस के माथुर से बात करने को कहा।
आईआईटी दिल्ली से एमएससी और भौतिकी विभाग बीएचयू से प्रो.ओएन श्रीवास्तव के निर्देशन में रिसर्च फेलो अभय कुछ महीने पहले ही पेरिस से प्रोजेक्ट कर लौटे थे। अभय की बहन और छात्रों ने भी बीएचयू प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। छात्रों ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
नहीं उठा एमएस का फोन, पीआरओ बोले, तबीयत ठीक नहीं
छात्रों के आरोप के बारे में जब अस्पताल के एमएस से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। इसके बाद पीआरओ डॉ. राजेश सिंह से बात की गई तो उन्होंने खुद की तबियत ठीक न होने की बात कही।