समाज में बढ़ रहे तनाव और अवसाद से निबटने मध्य प्रदेश सरकार ने अलग से एक मंत्रालय ‘खुशहाली’ बनाने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की यह सराहनीय पहल है। इससे भी अच्छी खबर यह है कि इस मंत्रालय का मसौदा तैयार करने में काशी हिंदू विश्वविद्यालय भी अहम भूमिका निभाएगा। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रपोजल तैयार करने के लिए बीएचयू से मदद मांगी है।
वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती जीवन शैली के कारण अवसाद की स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। इसके नकारात्मक प्रभावों को देखते हुए तकरीबन डेढ़ महीने पहले मध्य प्रदेश सरकार ने लोगों को खुशहाल जिंदगी देने की पहल करते हुए खुशहाली मंत्रालय बनाने की घोषणा की थी। स्वास्थ्य मंत्रालय से इतर लोगों के मन मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के उद्देश्य से यह बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रालय को मूर्त रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है।
मंत्रालय की कार्यप्रणाली क्या हो, लोगों को तनाव से मुक्त रखने के लिए क्या प्रयास किए जाने चाहिए, इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने आईएमएस, बीएचयू के मनोरोग विभाग से सहयोग मांगा है। खुशहाली गुरु एवं मनोरोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजय गुप्ता ने बताया कि हमें मंत्रालय का प्रपोजल तैयार करने को कहा गया है। साथ ही बीएचयू के विशेषज्ञों को इस मंत्रालय की सलाहकार समिति में भी रखे जाने की संभावना है।