टीम ने पाया कि सबसे ज्यादा खतरा अंडमान में रहने वाले आदिवासी लोगों में है। बीएचयू के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा कि अभी तक इस विषय पर कोविड-19 का प्रभाव किसी भी समुदाय पर कैसे पड़ेगा, इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं थी।
इस अध्ययन से प्राप्त परिणाम में पाया गया है कि आइसोलेटेड आबादी के लिए उच्च प्राथमिकता वाली सुरक्षा और अधिक देखभाल की जरूरत है। शोध कार्य में आईएमएस बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर वीएन मिश्रा, प्रोफेसर रोयाना सिंह, डॉक्टर अभिषेक पाठक के साथ ही केरल से डॉ. प्रशांत सुरवझाला, कलकत्ता से डॉ. राकेश तमांग, सउदी अरब से डॉ. आशुतोष राय आदि मौजूद रहे