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कामयाबी की उम्मीद: लापता विमानों को खोज निकालने वाला सॉफ्टवेयर बनाने में लगी बीएचयू की टीम

Sun, 02 Aug 2020 08:27 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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मानव संसधान विकास मंत्रालय की ओर से तीन दिवसीय स्मार्ट इंडिया हैकथान 2020 के माध्यम से देशभर के युवा वैज्ञानिक अलग-अलग समस्याओं का समाधान तलाशने में जुट गए हैं। बीएचयू नोडल सेंटर से जुड़ी वैज्ञानिकों की टीम लापता विमान के खोज में सहायक सॉफ्टवेयर बनाने में लगी है। इसके अलावा हवाई अड्डे के मानचित्र के डेटाबेस की रेटिंग सहित अन्य बिंदुओं पर भी काम हो रहा है।

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एमएचआरडी के निर्देशन में देशभर में 40 अलग-अलग जगहों पर चल रहे हैकथान के जरिए जो भी समस्याओं के समाधान का विकल्प सामने आएगा, उसके आधार पर आगे नए-नए प्रोजेक्ट बनाकर उस पर काम भी शुरू कराए जाने की तैयारी चल रही है।


मंत्रालय के इनोवेशन सेल की ओर से आयोजित सॉफ्टवेयर संस्करण की मेजबानी की जिम्मेदारी इस बार बीएचयू को मिली है। शनिवार सुबह 8 बजे कुलपति प्रो राकेश भटनागर ने वीसी लॉज से ऑनलाइन उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकथॉन बीते वर्षों में देश में विभिन्न समस्याओं को सुलझाने चुनौती को स्वीकारते हुए नवाचार को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।

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बतौर विशिष्ट अतिथि एयरपोर्ट् अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सूचना प्रौद्यौगिकी महाप्रबंधक एवं सूचना सुरक्षा अधिकारी बिजेंदर सिंह दलाल ने कहा कि एयरपोर्ट्स अथॉरिटी स्मार्ट इंडिया हैकथॉन से शुरुआत से जुड़ा हुआ है। 2017 में प्रथम संस्करण का आयोजन सिविल एविएशन ट्रेनिंग कॉलेज, इलाहबाद में हुआ था।

देश में हवाई यात्रा कर रहे यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना हमारा मुख्य ध्येय है। इस वर्ष प्रतिभागियों के समक्ष सुरक्षा, संचालन से जुड़ी करीब आठ समस्याओं को समाधान के लिए चुनौती के रूप में दिया गया है।

कार्यक्रम संयोजक प्रो कविता शाह ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकथॉन एक ऐसा राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसमें विद्यार्थियों को देश में मौजूद समस्याओं के समाधान की चुनौती देते है। जैसा की पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम कहा करते थे कि सपने वो नहीं होते जो आप सोने के बाद देखते हैं, सपने वो होते हैं, जो आपको सोने नहीं देते।

इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ, फिर डॉ मधुमिता भट्टाचार्य ने विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया। आयोजन समिति के सदस्य प्रो बीसी कापरी ने  अतिथियों के प्रति धन्यवाद् ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन आयोजन समिति के सह-संयोजक डॉ मनीष अरोड़ा ने किया। कार्यक्रम में डॉ वेणु गोपाल, प्रो विवेक सिंह और कंप्यूटर सेंटर की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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एक नजर में हैकथान
तीन दिवसीय हैकथान में एयरपोर्ट् अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के द्वारा दी गई चुनौती का समाधान खोजने का प्रयास बीएचयू नोडल सेंटर से जुड़ी देशभर से करीब 39 टीमों के 250 प्रतिभागी वर्चुअली काम कर रहे हैं। 22 ज्यूरी मेंबर्स, एमएचआरडी से 4 ज्यूरी मेंबर्स, 18 स्वंयसेवक और आयोजन समिति इस हैकथॉन को सफल बनाने में लगे हुए हैं। 

इन बिंदुओं पर हो रहा काम-
  • हवाई अड्डे के मानचित्र के डेटाबेस की रेटिंग।
  • लापता विमान के अंतिम खोज क्षेत्र की गणना द्वारा खोज में सहायक साफ्टवेयर टूल विकसित करना।
  • वेब बेस्ड सॉफ्टवेयर का निर्माण।
  • ब्लॉकचेन के माध्यम से ज्ञान प्रबंध प्रणाली।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का उपयोग करके मोबाइल एप्लीकेशन आधारित यात्री सुविधा प्रणाली पर काम।
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