जैसे ही छात्रों को इसकी जानकारी हुई तो वह विरोध में उतर आए। शाम करीब छह बजे हॉस्टल के गेट के बाहर छात्रों ने प्रशासनिक संरक्षक का घेराव कर धरना दिया। सूचना पाकर मौके पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य भी पहुंचे और छात्रों को मनाने का प्रयास किया लेकिन छात्र फीस लिए जाने का निर्णय वापस करने की मांग पर अड़े रहे। छात्रों का कहना था कि जब हॉस्टल बंद रहा तो फिर फीस क्यों ली जा रही है।