सुबह 8.20 बजे अस्पताल की मेडिसिन विभाग की ओपीडी के बाहर हाथ में पर्चा लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां खड़े बाउंसर और सुरक्षाकर्मी ने कहा कि गेट को छोड़कर दूर चलिए, जब डॉक्टर साहब आएंगे तभी न दिखाइएगा। एक मरीज ने डॉक्टर के आने का समय पूछा तो बाउंसर ने यह कहा कि जब जाएंगे तो पता चल जाएगा। शुक्रवार को मेडिसिन विभाग में अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता की ओपीडी थी। तय समय से करीब आधे घंटे बाद यानी 8.30 बजे प्रो. गुप्ता पहुंचे।
सुबह 8 बजे न्यूरोलॉजी, हृदय रोग विभाग के गेट पर पहुंचने पर वहां बाहर से ताला बंद रहा। इस दौरान लोगों की कतार लगी रही। एक खिड़की से पंजीकरण तो हो रहा था लेकिन डॉक्टर के न आने की वजह से लोगों को अंदर नहीं भेजा जा रहा था। करीब 20 मिनट बाद डॉक्टर के आने पर ओपीडी शुरू हो सकी।
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी का गेट भी शुक्रवार सुबह 8.45 बजे तक बंद रहा। यहां केवल पंजीकरण कर लोगों को नंबर दिया जा रहा था। डॉक्टर कब आएंगे यह पूछने पर वहां बैठे कर्मचारी कोई सही जवाब नहीं दे पा रहे थे। यहां सीसीआई लैब पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
ओपीडी के बदले समय का अनुपालन सभी को करना चाहिए। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ समय से पहुंचेंगे तो लोगों को राहत होगी। कुछ दिन तक ओपीडी की बदली व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद मरीजों के हितों को ध्यान में रखकर आगे का फैसला लिया जाएगा। -प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू